पटना

करोड़पति निकला जक्कनपुर थानाध्यक्ष


पटना से छपरा तक छापेमारी, 11 बैंक खातों में मिले 93 लाख

पटना (आससे)। पटना के जक्कनपुर के थानेदार कमलेश शर्मा ने अपनी आय से काफी अधिक धन जमा किया है। राज्य की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) के पटना से सारण तक शर्मा के चार ठिकानों पर मारे गए छापों में इसका खुलासा हुआ है। इसके मुताबिक कमलेश शर्मा ने आय की डेढग़ुनी से ज्यादा संपत्ति बनाई है। इनके खिलाफ शुक्रवार को एफआईआर दर्ज हुई और शनिवार को इनके ठिकानों पर छापेमारी हुई है। दिन भर चली ईओयू की जांच में इंस्पेक्टर कमेलश प्रसाद शर्मा और इनकी पत्नी रश्मि शर्मा करोड़ों के मालिक निकले। इनके पास 2 करोड़ 3 लाख 25 हजार 170 रुपए की चल-अचल संपत्ति मिली है। 11 बैंक अकाउंट्स के डिटेल्स मिले हैं, जिसमें 92 लाख 80 हजार 770 रुपए कैश जमा हैं।

आर्थिक अपराध इकाई की ओर से छापे जक्कनपुर थाना स्थित आवास और कार्यालय से लेकर सादिकपुर के आर्चिड रेसीडेंसी स्थित फ्लैट, आरा गार्डन रोड के श्रेया अपार्टमेंट स्थित फ्लैट तथा सारण जिले के मकेर गांव स्थित पैतृक आवास पर मारे गए। कुल 11 बैंक खातों में जमा 92 लाख 80 हजार रुपए को भी अगर जोड़ लिया जाए तो शर्मा ने कुल कमाई की डेढग़ुनी से ज्यादा संपत्ति बनायी है। कमलेश शर्मा के अभी तक ज्ञात 11 बैंक खातों को फ्रीज करने की काररवाई शुरू कर दी गई है। इनमें कमलेश शर्मा की पत्नी रश्मि शर्मा के बैंक खाते भी शामिल हैं। शर्मा के डाकघर समेत और भी कई जगह निवेश के कागजात मिले हैं।

साल 1994 में कमलेश प्रसाद शर्मा ने बतौर सब इंस्पेक्टर बिहार पुलिस को ज्वाइन किया था। साल 2014 में इनका प्रमोशन इंस्पेक्टर में हो गया था। सैलरी के रूप में अब तक करीब 1 करोड़ 88 लाख 41 हजार 215 रुपए की आमदनी इन्हें हुई है। इसमें 1 करोड़ 57 लाख 48 हजार 435 रुपया ये संपत्ति खरीदने में खर्च कर चुके हैं। कमलेश शर्मा जक्कनपुर के पहले पटना के ही बख्तियारपुर में थानेदार थे। वे भागलपुर, बांका, बेगूसराय, नालंदा, गया और अपराध अनुसंधान विभाग के मुख्यालय में भी तैनात थे।

जक्कनपुर थानेदार कमलेश शर्मा की पत्नी रश्मि शर्मा ने अपना पक्ष रखते हुये बताया कि वह पटना हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं। साथ ही एक कंपनी में लीगल एडवाइजर हैं। सिविल कोर्ट में रेलवे पैनल की एडवोकेट हैं। रश्मि ने कहा कि पिछले वर्ष यानी 2020 में उनकी आय 25 लाख से अधिक थी। वर्ष 2006 से ही वे कोर्ट में प्रैक्टिस कर रही हैं। एडवोकेट रश्मि का आरोप है कि उनकी संपत्ति का ब्योरा बढ़ा-चढ़ाकर दिया गया है जबकि उनकी आय कम दिखायी गयी है। मेरे पति को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्हें गलत मामलों में घसीटा जा रहा है। रश्मि ने कहा कि मेरी सैलरी एकाउंट में जाती है। उसे भी आय से अधिक संपत्ति के मामले में दिखा दिया गया है। रश्मि ने कहा कि एक साल से मेरे पति एसएसपी पटना से थानेदारी पद से हटाने की मांग कर रहे थे।

पटना में आरा गार्डन के श्रेया अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 104 में छापेमारी चल रही थी। इस फ्लैट के साथ ही आरा गार्डन में इलाके में ही आर्चिड रेसिडेंसी का फ्लैट नंबर 401 भी इन्हीं का निकला। दोनों ही फ्लैट इंस्पेक्टर की पत्नी के नाम पर लिए गए हैं। फ्लैट खरीदने पर 31 लाख 37 हजार 400 रुपए का खर्च किया गया था।

एडीजी नैयर हसैनन खान के अनुसार 11 बैंक अकाउंट्स के अलावा इनके पास से पोस्ट ऑफिस व दूसरे जगहों पर इंवेस्टमेंट के कई डॉक्यूमेंट्स मिले हैं, जिसकी जांच की जा रही है। इनके सारे बैंक अकाउंट्स को फ्रीज करवा दिया गया है। इनके चल-अचल संपत्ति को खंगाला जा रहा है। इंस्पेक्टर कमलेश वर्तमान में राजधानी के जक्कनपुर थाना के थानेदार हैं। कुछ दिनों पहले ही इनकी पोस्टिंग यहां हुई है। कमलेश जक्कनपुर से पहले पटना जिले में ही बख्तियारपुर के थानेदार रहे। जो कार्रवाई चल रही है, उसका कनेक्शन बख्तियारपुर से ही है। आरोप है कि बख्तियारपुर में थानेदारी करते हुए इंस्पेक्टर ने अवैध तरीके से अकूत संपत्ति अर्जित कर ली है। इनके ऊपर जमीन की दलाली करने का आरोप भी है। वहां प्लॉट भी इन्होंने खरीद रखा है।

बख्तियारपुर में पोस्टिंग के दरम्यान ही इनके खिलाफ ईओयू में कंप्लेन की गई थी। इसके बाद एडीजी नैयर हसनैन खान के निर्देश पर ईओयू के अधिकारी ने शर्मा की पूरी कुंडली खंगाल दी। इंटरनल जांच में मामला सही पाया गया। इंस्पेक्टर ने अपने पद का दुरुपयोग कर खूब काली कमाई की। इसके बाद ही 29 अक्टूबर को इनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की प्राथमिकी नंबर 22/2021 दर्ज की गई।