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काबुल से लौटे 16 लोग कोरोना पॉजिटिव, इनमें से तीन श्री गुरु ग्रंथ साहिब लेकर आए थे


  • भारत सरकार ने अफगानिस्तान में फंसे लोगों को निकालने में काफी तेजी दिखाई है और अब तक अफगानिस्तान से अधिकतर भारतीयों को निकाला जा चुका है। इस कड़ी में भारत सरकार ने अफगानिस्तान के सिख समुदाय और हिंदू धर्म के लोगों को भी रेस्क्यू किया है क्योंकि तालिबानियों से उनकी जान को भी खतरा था और किसी दुसरे देश में उन्हें शरण मिलना मुश्किल था। मंगलवार को काबुल से 78 नागरिकों को भारत लाया गया था। इनमें से 16 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें वो तीन लोग भी शामिल हैं, जो अलग-अलग गुरुद्वारों से श्री गुरु ग्रंथ साहिब लेकर आए थे। ये लोग केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के संपर्क में भी आए थे।

राहत की बात यह है कि सभी 16 संक्रमितों में कोरोना के सामान्य लक्षण पाए गए हैं और किसी की हालत गंभीर नहीं है। 15 अगस्त को अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा होने के बाद वहां के राष्ट्रपति अशरफ गनी भाग गए थे और इसके बाद से ही लगातार काबुल एयरपोर्ट से लोगों को रेस्क्यू किया जा रहा है। काबुल एयरपोर्ट पर अमेरिकी सैनिक तैनात हैं और सभी देश वहां से अपने नागरिकों को बाहर निकालने की कोशिश में जुटे हुए हैं। इस बीच जर्मनी ने अफगान नागरिकों का भी स्वागत किया है।

दिल्ली एयरपोर्ट से नंगे पांव बाहर आए थे पुरी

मंगलवार को भारत लौटे सभी नागरिकों को पहले भारतीय वायु सेना के सैन्य परिवहन विमान से काबुल से दुशांबे पहुंचाया गया था। इसके बाद एयर इंडिया की फ्लाइट के जरिए दुशांबे से सभी लोगों को दिल्ली लाया गया। लोगों के साथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब की तीन प्रतियां भी भारत लाई गई हैं। दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और वी मुरलीधरन ने इन लोगों का स्वागत किया था। इसके बाद पुरी श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों को अपने सिर पर रखकर नंगे पांव दिल्ली एयपोर्ट से बाहर आए थे।

क्या बोले हरदीप सिंह पुरी

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि अफगानिस्तान से लोगों को सुरक्षित लाने के अभियान का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। भारत हमेशा सताए हुए अल्पसंख्यकों की मदद करता रहेगा। अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद अब तक 626 लोगों को भारत लाया गया है जिसमें 228 भारतीय नागरिक और 77 अफगान सिख शामिल हैं। सिख समुदाय के लोगों ने इस मुश्किल समय में उन्हें आसरा देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और भारत माता का आभार जताया है।