पटना

दिल्ली में नाइट कर्फ़्यू लगने से प्रवासी मजदूरों का पलायन जारी, कहा- पिछले साल की याद आती है, तो दिल कांप उठता है


(आज समाचार सेवा)

पटना। कोरोना के बढ़ते मामले को लेकर एक फिर से प्रवासी मजदूरों का पलायन शुरू होने लगा है। दिल्ली में कोरोना की रफ्तार दिनों-दिनं बढ़ रही है। इसी को देखते हुए हाल के दिनों में दिल्ली सरकार ने दिल्ली में नाइट कर्फ़्यू लगाने की घोषणा कर दी। जिससे प्रवासी मजदूर सर्तक हो गये। दिल्ली में नाइट कर्फ़्यू लागू होने से प्रवासी मजूदर फिर से अपने-अपने गांव आने लगे हैं। हलांकि जिस समय से कोरोना संक्रमण की संख्या में बदोतरी हो रही थी, उसी समय से कई राज्यों के प्रवासी मजदूर पलायन करने लगे।

दिल्ली से आये पटना जंक्शन पर प्रवासी मजूदर गोपाल कुमार, सुधीर कुमार,रवि कुमार, मंटु कुमार ने बताया कि हमलोग दिल्ली से अपने गांव जा रहे है। ये सभी लोग सीवान जिले के रहने वाले है। ये सभी शाम को पटना जंक्शन पर पहुंचे हुए थे। यहां से ये लोग अपने गांव के लिए बस का पता लगा रहे थे।

इनलोगों ने बताया कि पिछले साल के बारे में याद आता है तो दिल कांप उठता है। जिंदगी में कभी ऐसा दिन नहीं देखने को मिला। पिछली बार लॉकडाउन में दिल्ली से अपने गांव का सफर बहुत ही कष्टदायक रहा। उन्होंने बताया कि इस बार हमलोग पिछले साल दिसंबर में दिल्ली गये थे। वहां के मालिक ने फिर से पैसे बढ़ाकर काम करने के लिए बुलाया था। इसलिए हमलोग फिर से दिल्ली काम करने के लिए गये थे, लेकिन क्या पता कि फिर से एक बार कोरोना कहर बरपायेगा।

उन्होंने बताया कि जब दिल्ली में नाइट कर्फ़्यू लगा, तो वहां के मालिक ने कहा कि आपलोग अपने-अपने गांव जा सकते है। क्योंकि, दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आने वाले दिनों में अगर कोरोना के मामले में कमी नहीं आयी तो शायद लॉकडाउन भी लग सकता है।

इसलिए मालिक ने कहा कि समय रहते अपने-अपने गांव जा सकते है, तो जायें। इसलिए हमलोगों ने अपने-अपने गांव जाने की योजना बनायी। हलांकि हमलोग भी पहले से तैयार थे कि कहीं कोरोना संक्रमित की संख्या बढेगी, तो समय रहते ही हमलोग अपने-अपने गांव आ जायेंगे। इसलिए हमलोग समय रहते ही अपने-अपने गांव आ गये है।

प्रवासी मजदूरों ने बताया कि अभी तक हमलोगों को आने में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई है। आराम से टिकट भी मिल गया है। आराम से पटना तक सफर रहा। लेकिन चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अभी भी दिल्ली में प्रवासी मजदूर काम कर रहे हैं। वो लोग भी समय रहते अपने घर आ जाए।