पटना

नालंदा के 25 निलंबित नेताओं की जदयू में घर वापसी


      • विधानसभा चुनाव के दौरान अस्थावां के पार्टी उम्मीदवार के विरोध करने पर लोगों को पार्टी से किया गया था निलंबित
      • हरनौत और बिंद के दो नेता अभी भी है निलंबित वजह यह कि दोनों ने पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ लड़ा था चुनाव
      • मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष ने नालंदा के नेताओं का निलंबन लिया वापस

बिहारशरीफ। नालंदा में मुख्यमंत्री का जदयू कार्यकर्ता संवाद तय हुआ था और इसके लिए जिला स्तर पर आयोजित बैठक में संयोजक ने इस बात की चर्चा की थी कि मुख्यमंत्री चाहते है कि पार्टी के स्थापना काल से जुड़े लोग जो कतिपय कारणों से दल छोड़ चुके है का इस संवाद कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाय अगर वो चाहते है। हालांकि मीटिंग में जब यह चर्चा हुई तो अस्थावां के कुछ लोगों ने विरोध किया था। लेकिन संयोजक का साफ कहना था कि मुख्यमंत्री की यही सोच है इसमें कोई परिवर्तन नहीं होगा।

मुख्यमंत्री के इस सोच को जदयू ने आज अमली जामा पहना दिया। वैसे लोग जो चुनाव के दौरान पार्टी उम्मीदवार का विरोध किये थे और पार्टी से उन्हें निष्कासित किया गया था, वैसे लोगों को फिर से जदयू में वापसी कर ली गयी है। चुनाव के दौरान हीं अस्थावां विधानसभा क्षेत्र के जदयू प्रत्याशी के विरोध करने पर 25 लोगों को पार्टी से निलंबित किया गया था। इनमें से अधिकांश लोग वैसे थे जो समता पार्टी के समय से हीं नीतीश कुमार के साथ थे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी इस बात की पीड़ा थी और उनके निर्देश पर हीं पार्टी के निलंबित नेताओं को एक बार फिर से पार्टी में वापसी का मौका दिया गया है। वैसे लोग जो उम्मीदवार का विरोध जरूर किये थे लेकिन उम्मीदवार नहीं बने थे उनकी घर वापसी कर ली गयी है। हालांकि जिन लोगों ने पार्टी उम्मीदवार के विरोध में अपने को उम्मीदवार के रूप में पेश किया था उनकी वापसी नहीं हो सकी है। ऐसे दो लोग है जिन्हें उम्मीदवार बनने के मामले में निलंबित किया गया था और जो निलंबन वापसी हुआ है उनमें उनलोगों का नाम शामिल नहीं है।

जनता दल यू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने प्रखंड के भरत भूषण प्रसाद, श्रीमती प्रेमशीला कुमारी, बिहारशरीफ प्रखंड के अमरेंद्र कुमार चंद्रा (मुन्ना), कतरीसराय के बिहारी प्रसाद, सरमेरा के अरूण कुमार सिंह, चंद्रकिरण सिन्हा, सुनील कुमार शर्मा, चमारी प्रसाद, शंभु प्रसाद, दीपक कुमार, विनय कुमार सिन्हा, चंद्रमणी प्रसाद, अजय कुमार केशरी, दिनेश प्रसाद, बिरबल प्रसाद, सुनील कुमार यादव, अस्थावां प्रखंड के प्रो. अजीत कुमार, प्रो. अशोक कुमार सिंह, श्रीमती अनिता सिंह, अंजनी कुमार सिंह, त्रिनयन कुमार, ओमप्रकाश रंजन, कुमार उमाशंकर, भोला प्रसाद एवं श्रीमती सविता चौधरी का निलंबन रद्द कर दिया है।

हालांकि सभी लोगों को यह चेतावनी दी गयी है कि भविष्य में ऐसी गलती नहीं दोहराई जायेगी। हालांकि ऐसे हीं मामले में निलंबित बिंद के जदयू नेता व जिला पार्षद विपिन कुमार चौधरी की घर वापसी नहीं हुई हैं। वजह यह है कि जदयू प्रत्याशी के विरोध में उन्होंने अस्थावां से चुनाव लड़ा था। इसी प्रकार हरनौत के ई. अशोक कुमार की भी घर वापसी नहीं हो सकी। वे भी जदयू प्रत्याशी के खिलाफ में हरनौत से चुनाव लड़े थे।

पार्टी नेतृत्व द्वारा जदयू के 25 नेताओं की घर वापसी पर पार्टी के जिला नेताओं ने भी प्रसन्नता जतायी है और आशा व्यक्त की है कि इन लोगों की पुनः जदयू में वापसी से संगठन मजबूत और सशक्त होगा। जिन लोगों को जदयू में वापसी किया गया है उनलोगों ने मुख्यमंत्री में आस्था जताया है और कहा है कि वे लोग सदैव उनके प्रति आशान्वित थे। उनका विरोध कभी भी मुख्यमंत्री के प्रति नहीं रहा। लोगों ने अपने उपर भरोसा जताने के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी व्यक्त किया है।