पटना

पटना: 33 हजार शिक्षकेतरकर्मियों की सांकेतिक हड़ताल


      • 250 अंगीभूत कॉलेजों में काम-काज पर असर
      • कई विश्वविद्यालयों में भी काम-काज प्रभावित
      • राजधानी के गर्दनीबाग में शिक्षकेतर कर्मचारियों का धरना

(आज शिक्षा प्रतिनिधि)

पटना। राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों सहित तकरीबन 250 अंगीभूत कॉलेजों के करीब 33 हजार शिक्षकेतर कर्मचारी मंगलवार को दो दिनों के सामूहिक आकस्मिक अवकाश पर चले गये। इससे कॉलेजों में काम-काज ठप पड़ गया है। कई विश्वविद्यालयों में भी काम-काज पूरी तरह से प्रभावित हुए हैं। सामूहिक आकस्मिक अवकाश पर जाने के साथ ही शिक्षकेतर कर्मचारी बिहार विधान मंडल के समक्ष यहां गर्दनीबाग में दो दिवसीय धरना पर बैठ गये हैं।

सामूहिक आकस्मिक अवकाश एवं बिहार विधान मंडल के समक्ष धरना का आह्वान बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ ने शिक्षकेतर कर्मचारियों की लम्बित मांगों की पूर्ति के लिए किया है। धरना के पहले दिन  धरनार्थियों की सभा की अध्यक्षता बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष गंगा प्रसाद झा ने की। बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के महामंत्री ब्रजकिशोर सिंह ने सभा का संचालन किया।

धरना स्थल पर धरनार्थियों के प्रति एकजुटता का इजहार करने विधान परिषद के सदस्य डॉ. बीरेंद्र नारायण यादव तथा विधान सभा के सदस्य बीरेंद्र गुप्ता, गोपाल रविदास भी पहुंचे। सभा को सम्बोधित करने वालों में महासंघ के उपाध्यक्ष वेंकटेश कुमार, संयुक्त मंत्री शैलेन्द्र कुमार, अशोक मिश्रा, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार, प्रेमचंद, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय प्रक्षेत्र के अध्यक्ष सह सीनेट सदस्य दीपक कुमार, बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय के प्रक्षेत्रीय मंत्री सह सिनेट सदस्य प्रमोद कुमार, विनेश सिंह, अशोक सिंह, इन्द्रकुमार दास, अभिषेक कुमार, राजीव नयन, हरिहर मोहन एवं विनय कुमार झा भी शामिल थे।

शिक्षकेतर कर्मचारियों की मांगों में सेवानिवृत्त की आयु सीमा 65 वर्ष, न्यायादेश के आलोक में प्रधान सहायक एवं लेखापाल को प्रशाखा पदाधिकारी का वेतनमान, सहायक पुस्तकाध्यक्ष को यूजीसी वेतनमान, विश्वविद्यालय कनीय अभियंता एवं बिजली मिस्त्री के लिए एक जनवरी, 1996 से अनुमान्य वेतनमान की अधिसूचना, 12 मई, 2016 को जारी वित्त विभाग के पत्रांक 3972 के अनुरूप चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों के वेतनमान का संशोधन, स्टाफिंग पैटर्न, दैनिक पारिश्रमिक, आऊट सोर्सिंग, अनुबंध पर कार्यरत कर्मचारियों की सेवा नियमितीकरण, तदर्थ बहाली पर रोक, सरकारी कर्मचारियों की भांति 11 अक्टूबर, 2017 से मकान किराया, परिवहन, चिकित्सा, एलटीसी एवं अन्य भत्ता,  सातवें वेतनमान के बकाये राशि का अविलम्ब भुगतान तथा भविष्य निधि मद में काटी गई राशि को आयकर मद में छूट के लिए जोड़ा जाना शामिल है।