लोहरदगा। लोहरदगा जिले के बगडू थाना क्षेत्र के कोरगो गांव में गुरुवार की अहले सुबह जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ के जवानों के साथ भाकपा माओवादी नक्सली संगठन के 15 लाख के इनामी रविंद्र गंझू के साथ हुई मुठभेड़ की घटना में एक नक्सली के मारे जाने की सूचना है। मुठभेड़ में मारे गए नक्सली के 5 लाख के इनामी होने की बात सामने आ रही है। हालांकि, पुलिस पूरे मामले में फिलहाल कुछ भी कहने से बच रही है। मारे गए नक्सली के बारे में भाकपा माओवादी के सब जोनल कमांडर चंद्रभान पाहन के होने की बात कही जा रही है।
गोविंद पर रखा गया दो लाख रुपये का ईनाम
चंद्रभान लोहरदगा जिले के सेन्हा थाना क्षेत्र के उगरा मेढ़ो गांव का रहने वाला था। जबकि मुठभेड़ में एक नक्सली गोविंद बिरिजिया के पकड़े जाने की चर्चा है। गोविंद बिरीजीया पर दो लाख रुपये का इनाम है। वह माओवादी संगठन में एरिया कमांडर है। पुलिस एक बॉडी लेकर लोहरदगा सदर अस्पताल पहुंची है।
अस्पताल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
पूरे सदर अस्पताल परिसर को पुलिस और सुरक्षाबलों ने अपने घेरे में ले लिया है। किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। सदर अस्पताल परिसर में एसडीपीओ वशिष्ठ नारायण सिंह, डीएसपी परमेश्वर प्रसाद सहित पुलिस और सीआरपीएफ के कई पदाधिकारी और जवान मौजूद हैं। मुठभेड़ के बाद पुलिस सर्च ऑपरेशन चला रही है। जिसमें हथियार और अन्य सामान बरामद होने की बात भी सामने आ रही है।
पहचान के लिए पुलिस ने चंद्रभान के पिता को अस्पताल बुलाया
इधर, पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद चंद्रभान पाहन शव की शिनाख्त को लेकर पुलिस हरकत में आ गई है। पुलिस ने सेन्हा थाना के उगरा मेढ़ो गांव पहुंचकर चंद्रभान पाहन के पिता बिगना उरांव को शव की पहचान को लेकर लोहरदगा सदर अस्पताल बुलाया है। पुलिस की एक टीम चंद्रभान पाहन के गांव गई हुई थी।
चंद्रभान की मां की पहले ही हो चुकी मौत, पत्नी भी छोड़कर जा चुकी
चंद्रभान पाहन की मां की मौत पहले ही हो चुकी है। जबकि उसकी पत्नी दो-तीन साल पहले अपने एक बच्चे को छोड़कर कहीं चली गई है। गांव में किसी को भी चंद्रभान पाहन के मारे जाने की सूचना नहीं है। लोग सामान्य रूप से अपना कामकाज कर रहे हैं। बिगना उरांव द्वारा शव की पहचान किए जाने के बाद ही यह पूरी तरह से स्पष्ट हो सकेगा कि मरने वाला भाकपा माओवादी का जोनल कमांडर चंद्रभान पाहन है।