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Lucknow: UPEIDA द्वारा संचालित एक्सप्रेसवे पर अब दुर्घटनाएं होंगी काफी कम,


लखनऊ।  विगत कुछ दिनों से कोहरा के चलते एक्सप्रेसवे पर आये दिन दुर्घटनाएं हो रही है, जिसको गम्भीरता से लेते हुए यूपीडा द्वारा आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे एवं बुंदेलखण्ड एक्सप्रेसवे पर निम्न सुरक्षा से संबंधित प्रयास और तेज कराए गए है।

यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अरविन्द कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि एक्सप्रेसवे पर बेतरतीब खड़े वाहनों को प्रतिदिन लगातार पेट्रोलिंग टीम द्वारा हटवाया जाता है। टोल प्लाजा पर लगे पब्लिक एड्रेस सिस्टम से वाहन चालकों को सही लेन और गति सीमा में चलने, उल्टी दिशा में न चलने, सीट बेल्ट पहनने, गाड़ी चलाते समय मोबाईल का प्रयोग न करने व नशे की हालत में गाड़ी न चलाने के लिए जागरूक किया जाता है।

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जानवरों के लिए की गई व्यवस्था

कैटल कैचर टीम और सुरक्षा कर्मियों द्वारा मुख्य सड़क और राईट आफ वे (ROW) क्षेत्र में आने वाले जानवरों को वहां से उतारकर (ROW) क्षेत्र से बाहर किया जा रहा है तथा कैटल कैचर टीम द्वारा माह जनवरी 2022 से दिसम्बर 2022 तक आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर कुल 2076 जानवर और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर कुल 4995 जानवरों को पकड़कर गौशाला में दाखिल कराया गया है।

यात्रियों की सुविधा की दृष्टि से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर वर्कशाप के 10 पिकप वाहन 24 घण्टे उपलब्ध रहते है, जो वाहनों के खराब होने, टायर फटने, पंचर, डीजल और पेट्रोल समाप्त होने तथा ब्रेकडाउन होने की स्थिति में तत्काल मौके पर पहुँचकर सहायता करते हैं।

इस प्रकार यात्रियों के गन्तव्य पर शीघ्र रवाना हो जाने के कारण अन्य दुर्घटना को रोकने का प्रबन्ध किया गया हैं। जनवरी 2022 से दिसम्बर 2022 तक आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर लगभग 15000 वाहनों एवं पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 12200 वाहनों को गंतव्य को रवाना किया गया।

मैके पर पहुंचाई जाती है एंबुलेंस

एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षा कर्मियों द्वारा एम्बुलेन्स मौके पर ही उपलब्ध कराकर राहत पहुंचाई जाती है। सेफ्टी उपकरण लगाकर यातायात सुचारू रूप से जारी रखा जाता है। एक्सप्रेसवे पर घायल व्यक्तियों का प्राथमिक उपचार करने के बाद उन्हें तत्काल नजदीकी हाॅस्पिटल में बेहतर इलाज के  लिए पहुंचाया जाता है।

जनवरी 2022 से दिसम्बर 2022 तक कुल 1606 घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा कर्मियों द्वारा आने-जाने वाले वाहनों पर समय-समय पर अभियान चलाकर सेफ्टी टेप लगाये जाते हैं। सड़क सुरक्षा अभियान के अन्तर्गत एक्सप्रेसवेज पर आने-जाने वाले वाहन चालकों को सुरक्षा सम्बन्धी पैम्प्लेट का भी वितरण किया जाता है।

इसके अलावा एक्सप्रेसवे पर सड़क सुरक्षा के अन्तर्गत चिन्हित स्थानों पर आवश्यक साइनेज गति सीमा संकेतक चिन्ह भी लगाए गए है। एक्सप्रेसवे पर समय-समय पर जनपदीय पुलिस या परिवहन अधिकारियों की मदद से वाहन चालकों का श्वास परीक्षण ब्रीथ एनालाईजर से करवाया जाता है।

NGO ने वितरित किए चश्में

सड़क सुरक्षा अभियान के अन्तर्गत आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर वर्ष-2022 में विभिन्न NGO व स्वास्थ्य विभाग द्वारा नेत्र व स्वास्थ्य परीक्षण समय-समय पर किया गया, जिनमें कुल-1368 लोगों का नेत्र परीक्षण किया गया तथा 525 लोगों को चश्में वितरित किये गये।

सुरक्षा अधिकारी और सहायक सुरक्षा अधिकारी के साथ-साथ पेट्रोलिंग टीमों की लगातार ब्रीफिंग होती है। सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित नियमों की जानकारी देते हुए सभी प्रकार की कार्यवाही नियमित रूप से करने के निर्देश दिये जाते हैं। एक्सप्रेसवे पर अनाधिकृत रूप से खड़े ट्रक और कार को भी हटवाया जाता है। जनवरी 2022 से दिसम्बर 2022 तक कुल 17937 वाहनों को हटवाया गया है।