अन्तर्राष्ट्रीय राष्ट्रीय

अंतरराष्ट्रीय सीमा पर फिर मिली सुरंग

पाकिस्तान की एक और साजिश नाकाम
जम्मू (एजेंसी)। पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तानी सैनिक हमेशा प्रयासरत करते हैं। वहीं भारत के सतर्क जवान उनकी साजिशों को हर बार नाकाम बना देते हैं। अब पाकिस्तान ने जिला कठुआ के हीरानगर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईवी) पर आतंकियों की घुसपैठ कराने के इरादे से सुरंग का निर्माण किया था जिसका बीएसएफ के सतर्क जवानों ने पता लगा लिया है। सुरंग मिलने के बाद जवानों ने आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान भी चलाया है। सूत्रों का कहना है कि बीएसएफ के जवान रोजाना की तरह जब हीरानगर अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गश्त लगा रहे थे तभी उन्हें बोबिया क्षेत्र में इस सुरंग का पता चला। आतंकवादियों द्वारा घुसपैठ के इरादे से बनायी गयी इस सुरंग के मिलते ही जवानों ने उच्चाधिकारियों को सूचित किया। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि सुरंग के जरिए आतंकवादी इस ओर घुसपैठ कर आये हैं। अपनी इस शंका को दूर करने के लिए बीएसएफ, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम ने इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया हुआ है। बोबिया में पडऩे वाले गांवों में रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा रही है कि उन्होंने रात या फिर तड़के किन्हीं संदिग्ध लोगों को आसपास तो नहीं देखा। वहीं, सुरंग मिलने की सूचना मिलते ही यहां से जिलाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं। हीरानगर अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मिली सुरंग की जांच करने के बाद आईजीपी बीएसएफ एनएस जम्वाल ने बताया कि डेढ़ सौ फीट सुरंग लंबी इस सुरंग की गहराई 20 से 25 फीट है। इसकी चौढ़ाई दो से ढाई फीट है। उन्होंने बताया कि यह सुरंग पुरानी लग रही है। हमारे जवानों को इस बारे में तब पता चला जब वे सुरक्षा बांध बना रहे थे। उन्होंने बताया कि जब जेसीबी के जरिए काम हो रहा था तभी लोहे के सरिए के पीस सुरंग के मुहाने पर फंस गये। सुरंग के मुहाने को लोहे के सरिए लगाकर मिट्टी से बंद किया गया था। देखकर लगता है कि सुरंग का अभी घुसपैठ के लिए इस्तेमाल नहीं हुआ है। फिर भी इसकी जांच की जा रही है कि पहले तो कहीं इस सुरंग से आतंकियों ने घुसपैठ तो नहीं की है। हालांकि सुरंग से दो रेत बैग भी मिले हैं जिन पर पाकिस्तानी कंपनी का नाम चिन्हित है।