Post Views: 458 डा. प्रदीप कुमार सिंह देशमें चिकित्सा व्यवस्था या सरकार, किसीको महामारीके भयावह रूपका पूर्वानुमान नहीं था। हर स्तरपर लापरवाही, अनुशासनहीनता, अवसरवादिता एवं स्वार्थपरक सियासतके कारण महामारी अनियंत्रित हो गयी एवं गांवोंतक फैल गयी। जांचके अभावमें ग्रामीण आकड़े प्राय: बहुत कम ही प्राप्त होते हैं। इसलिए महामारीसे संक्रमण एवं मृत्युके आकड़े, दैनिक जारी […]
Post Views: 441 आर.डी. सत्येन्द्र कुमार स्वतन्त्रत निदेशकोंका मामला फिलहाल नियुक्तिके मुद्देपर नयी चुनौतियोंसे रू-ब-रू है। इनके चलते प्रमोटर्सका अधिकार अब पहले जैसा नहीं रहा। इस परिवर्तनकी चपेटमें पांच सौसे अधिक प्रोन्नायक आ गये हैं। इसके चलते पांच सौसे अधिक अधिसूचित कम्पनियोंके प्रमोटरोंकी अबतक चली आ रही निदेशक विषयक इजारेदारी खत्म हो गयी है। वैसे […]
Post Views: 669 देशमें जहां कोरोना संक्रमणके नये मामलोंमें गिरावटकी प्रवृत्ति बनी हुई है वहीं ब्लैक फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) का तेजीसे प्रसार गम्भीर चिन्ताका विषय है। लगभग सभी राज्योंमें ब्लैक फंगसके मामले मिल रहे हैं लेकिन दस राज्य इससे अधिक प्रभावित हैं। महाराष्टï्रमें १५ सौसे अधिक मामले सामने आये हैं और ९० लोगोंकी मृत्यु हो गयी। […]