Post Views: 674 ओशो भारतीय ध्यानमें उतरना नहीं चाहता, क्योंकि उसे यह ख्याल है, वह जानता ही है ध्यान क्या है। दूसरा यदि उतरनेको भी राजी होता है तो दो दिनमें ही आकर खड़ा हो जाता है कि अभीतक नहीं हुआ और उसे बेचैनी होती है कि पश्चिमसे आये लोगोंको हो रहा है, क्योंकि वह […]
Post Views: 824 श्रीश्री रविशंकर जब हम शब्दोंकी शुद्धताको अनुभव करते हैं तो हम जीवनकी गहराईको अनुभव करते हैं और जीवन जीना आरंभ कर देते हैं। हम सुबहसे राततक शब्दोंको ही जीते हैं। हम इनके पीछेके उद्देश्योंको खोजनेमें सारे उद्देश्य भूल जाते हैं। यह इतना गंभीर हो जाता है कि नींद ही खो बैठते हैं। […]
Post Views: 778 मुकुल व्यास कोरोनाके नये स्ट्रेन प्रकट होनेसे वैज्ञानिकों और वैक्सीन निर्माताओंका सिरदर्द बढ़ गया है। इस समय वैक्सीनोंके विकासके लिए अलग-अलग विधियां अपनायी जा रही हैं। इनके प्रयोगमें लाभ भी हैं और दिक्कतें भी हैं। इसके अलावा जो वैक्सीन एमआरएन, मॉलिक्यूल्सपर आधारित हैं उनके स्टोरेज और ट्रांसपोर्टके लिए बहुत ही निम्न तापमानकी […]