Post Views: 914 डा. भरत झुनझुनवालाï प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदीने सही कहा है कि सरकारका कार्य बिजनेस करना नहीं है। सरकार यह कार्य सफलतापूर्वक नहीं कर सकती है। प्राय: सरकारी इकाइयां घाटेमें ही चलती हैं। सार्वजनिक इकाइयोंमें सरकारके अधिकारी और नेता अपने चहेतोंको नियुक्त कराते हैं। ठेके दिलाते हैं और इनके गलत एवं घटिया कार्योंको […]
Post Views: 742 श्रीराम शर्मा देवदत्त संत थे परन्तु सांसारिक संत। यूं नहीं कि उन्होंने गृहस्थका परित्याग किया हो वरन् इसलिए कि वह ईश्वरका भजन, साधन, स्वाध्याय, सदाचार, सद्ïव्यवहारका आचरण करते हुए भी कभी-कभी क्रोधका व्यवहार कर जाते थे। धैर्य स्थिर रखना उनके लिए कठिन हो जाता था और घरमें जब कभी ऐसी स्थिति आती, […]
Post Views: 830 जोगिन्दर सिंह किसी देशको अपना भविष्य उज्ज्वल बनानेके लिए उसके बचपनकी देखभाल, पालन-पोषण और संभाल करनी आवश्यक है। जीवनके पहले आठ सालमें और खासकर बाल्यावस्थाके पहले तीन सालके दौरान बच्चेका ठीक पालन-पोषण और देखभाल करना बहुत जरूरी है। इसका असर बच्चेके पूरे जीवनपर पड़ता है। शुरुआती सालोंमें देखभाल और बच्चोंका सही पालन-पोषण […]