Post Views: 1,760 जग्गी वासुदेव योगका अर्थ है पूर्ण मिलन यानी हर चीज आपके अनुभवमें एक हो गयी है, लेकिन तर्क कहता है कि बुराई या गंदगीको स्वीकार मत करो। कुछ समय पहलेकी बात है, किसीने मुझसे पूछा, योगका मतलब तो मिलन या एक होना है फिर भेदभाव करनेवाले मनका क्या करें। क्या ऐसा नहीं […]
Post Views: 547 डा. भरत झुनझुनवाला चाल्र्स डार्विनका जन्म १२ फरवरीको १८०९ में हुआ था। डार्विनने दक्षिण अमेरिकाके गालापागोस द्वीपमें कछुओंके क्रमसे विकासका गहन अध्यन किया। अध्ययनके आधारपर उन्होंने विचार बनाया कि वर्तमान मनुष्यकी उत्पत्ति क्रमसे बन्दरोंसे हुई है। उस समय पाश्चात्य जगतमें मान्यता थी कि गॉडने मनुष्यको बनाया है जैसे छेनी-हथौड़ी लेकर मूर्तिकार एक […]
Post Views: 903 श्रीराम शर्मा आजके समयमें मनुष्यके बाहर-भीतर शांति तथा सुव्यवस्था स्थापित करनेके लिए आध्यात्मिक प्रयास ही सार्थक हो सकते हैं। श्रद्धा, भावना, तत्परता एवं गहराई इन्हींमें समाहित है। हर मानवका धर्म, सामान्यसे ऊपर, वह कर्तव्य है, जिसे अपना कर लौकिक, आत्मिक उत्कर्षके मार्ग प्रशस्त हो जाते हैं। धर्म अर्थात्ï जिसे धारण करनेसे व्यक्ति […]