Post Views: 427 सदानन्द शास्त्री गौतम महर्षिके द्वारा रचित न्याय दर्शन ज्ञानके बारेमें चर्चा करता है कि आपका ज्ञान सही है या नहीं। ज्ञानके माध्यमको जानना कि वह सही है या नहीं, यह है न्याय दर्शन। उदाहरणके लिए आप अपनी इंद्रियोंके द्वारा सूर्योदय या सूर्यास्त ये देख पाते हैं। लेकिन न्याय दर्शन कहता है नहीं, […]
Post Views: 1,119 कृषि संबंधी तीन कानून, जिसपर इतना विवाद उत्पन्न हुआ था, वे कानून कभी लागू नहीं हुए थे। उन्हें सुप्रीम कोर्टने लम्बित रखा था। उन क़ानूनोंको लेकर शुरूसे ही दो मत थे। कृषि अर्थशास्त्री तो इन कानूनोंको किसानोंके लिए हितकारी ही बता रहे थे। पंजाबके जाने-माने कृषि अर्थशास्त्री तो इस संबंधी अपनी राय […]
Post Views: 728 भारत और चीनके बीच लम्बे समयसे चली आ रही तनातनीपर विराम लगनेका कोई आसार नहीं दिख रहा है। चीन अपनी कुटिल चालोंसे बाज नहीं आ रहा है और लगातार भारतको घेरने और दबाव बनानेके प्रयासमें जुटा हुआ है। पूर्वी लद्दाखमें वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सैनिकोंकी वापसीके बावजूद चीनका भारतीय क्षेत्रके पास […]