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केजरीवाल के एक और मंत्री को घेरने की तैयारी में BJP


नई दिल्ली, दिल्ली भाजपा ने वाहन फिटनेस प्रमाण-पत्र देने में सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि बुराड़ी स्थित परिवहन विभाग के कार्यालय में पैसे लेकर बिना जांच किए फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। मृत व्यक्ति के नाम से भी प्रमाण पत्र जारी करने का मामला सामने आया है। उपराज्यपाल से इस मामले की जांच कराने और दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत के इस्तीफे की मांग की है।

प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष आटो रिक्शा, टैक्सी सहित सभी व्यवसायिक वाहनों को फिटनेस प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होता है। इतने बड़े शहर में सिर्फ एक फिटनेस केंद्र बुराड़ी में बनाया गया। वहां फिटनेस प्रमाण पत्र देने के लिए पांच सौ से डेढ़ हजार रुपये तक रिश्वत देनी पड़ती है। इस केंद्र में रोज डेढ़ से दो हजार वाहन पहुंचते हैं, लेकिन एक इंस्पेक्टर की तैनाती की गई है। वह रोज चार से पांच सौ प्रमाण पत्र जारी होते हैं। एक वाहन की जांच में कम-से-कम 15 मिनट लगते हैं, लेकिन एक से दो मिनट में उसे प्रमाण पत्र दे दिया जाता है। इससे स्पष्ट है कि वाहनों की जांच नहीं होती है।

मृत व्यक्ति के नाम से जारी किया प्रमाण-पत्र

उन्होंने कहा कि मानस फाउंडेशन नाम की संस्था को वाहन चालकों को प्रशिक्षण देने का ठेका दिया गया है। संस्था के प्रतिनिधि प्रशिक्षण देने के नाम पर वाहन चालकों को तीन-चार घंटे बैठाकर रखते हैं। पैसा देने के बाद ही प्रशिक्षण की औपचारिकता पूरी कर प्रमाण-पत्र दिया जाता है। जागीर सिंह नामक व्यक्ति की मौत 15 नवंबर, 2017 को हो गई थी, लेकिन उनके नाम से एक अप्रैल तक कई वाहनों के प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने नहीं की कार्रवाई: भाजपा नेता

प्रदेश भाजपा आटो-टैक्सी प्रकोष्ठ के संयोजक वीर सिंह चौहान ने कहा कि भ्रष्टाचार सामने आने के बाद इसे साबित करने के लिए मृत व्यक्ति के नाम से वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र बनवाए गए हैं। मुख्यमंत्री को भी इसकी जानकारी दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। मृत लोगों के नाम के वाहन उनके आश्रितों को स्थानांतरित करने के हाई कोर्ट के आदेश का भी पालन नहीं किया जा रहा है।