पटना

खगड़िया: पंचायत चुनाव निष्पक्ष सम्पन्न कराना बड़ी चुनौती : घोष


द्वितीय चरण से प्रारंभ होकर नौ चरणों मे होंगे जिले में पंचायत चुनाव

      • 4 पदों के लिए पहली बार होंगे ई वी एम से होंगे चुनाव
      • बैठक में हर पहलुओं पर डी एम ने अधिकारियों को दी जानकारी

खगड़िया (आससे)। पंचायत चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी होने के बाद जिला प्रशासन भी एक्शन में आ गया है।  पंचायत आम निर्वाचन के तैयारियों को लेकर मंगलवार को समाहरणालय सभागार में सभी कोषांगों के नोडल अधिकारियों/निर्वाची पदाधिकारियों/सहायक निर्वाची पदाधिकारियों के साथ जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष ने समीक्षात्मक बैठक में कई आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

उन्होंने कार्मिक, ईवीएम कोषांग सहित सभी कोषांगों और निर्वाची पदाधिकारियों को पंचायत चुनाव के प्रति संवेदनशील रहने का निर्देश दिया। कार्मिक कोषांग को निर्देश दिया कि प्रत्येक मतदान केंद्र एवम मतगणना कार्य हेतु  कर्मियों का आकलन करते हुए डेटाबेस को अपडेट करें। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में लगभग पांच हजार कर्मियों की आवश्यकता होगी और एक कर्मी को 3 चरणों में निर्वाचन कार्य में लगाया जाना है। प्रत्येक प्रखंड में 25 प्रतिशत मतदान केंद्र पर न्यूनतम दो महिला कर्मियों को प्रतिनियुक्त किया जाएगा।

खगड़िया में द्वितीय चरण से पंचायत आम निर्वाचन प्रारंभ होकर नौवें चरण तक चलेगा। ईवीएम की कमिश्निंग प्रखंड स्तर पर होगी जबकि एफएलसी का कार्य जिला स्तर पर कराया जा चुका है।  जिलाधिकारी ने नाम निर्वाचन कार्य में बारीकी से ध्यान दिए जाने और इसके लिए प्रखंड स्तर पर टीम गठित करने का भी निर्देश दिया। नाम निर्वाचन प्रपत्र जिला से उपलब्ध कराया जाएगा। प्रत्याशी ऑनलाइन नाम निर्वाचन भी करा सकते हैं। सभी मतदान केंद्रों पर आवश्यक लेखन कराने का निर्देश देते हुए विभिन्न पदों के लिए निर्धारित निर्वाचन व्यय के संबंध में भी जिलाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई।

मतगणना के लिए वज्रगृह का निर्माण जिला मुख्यालय में कराया जाएगा जबकि ईवीएम सीलिंग के लिए प्रखंड में वज्रगृह बनाया जाना है। ग्राम कचहरी के दोनों पदों सरपंच एवं पंच के आम निर्वाचन के लिए बैलट बॉक्स का प्रयोग किया जाएगा जबकि अन्य 4 पदों  मुखिया,  पंचायत सदस्य, पंचायत समिति सदस्य एवं जिला परिषद सदस्य के निर्वाचन हेतु ईवीएम का प्रयोग किया जाएगा। अधिकतम दो सेट में प्रत्याशी नामांकन दाखिल कर सकेंगे। सभी पदों के लिए चिन्हित ईवीएम पर अलग-अलग रंग का स्टीकर लगाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कोविड संक्रमण को देखते हुए सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देश के आलोक में सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। जिला पंचायती राज पदाधिकारी ने बताया कि निर्वाचन मार्गदर्शिका तैयार की जा रही है और इसे शीघ्र ही सभी निर्वाची पदाधिकारियों को भेज दिया जाएगा। मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक सम्पन्न कर ली गई है। जिलाधिकारी ने मतदान कर्मियों को अच्छे से प्रशिक्षित करने और शत-प्रतिशत मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन कर उपलब्ध कराए गए प्रपत्र में अविलम्ब रिपोर्ट भेजे जाने का निर्देश प्रखंड विकास पदाधिकारी को दिया।

जिलाधिकारी ने सभी को स्मरण दिलाया कि मुखिया के निर्वाचन में सबसे ज्यादा विवाद होता है अतः निर्वाचन संबंधी पूरी प्रक्रिया को समझना और उसे अमल में लाना महत्वपूर्ण है। इसके लिए जिलाधिकारी ने विभिन्न निर्वाची पदाधिकारियों से पंचायत निर्वाचन के विभिन्न पहलुओं यथा सिंबल आवंटन, बैलट पेपर नाम निर्वाचन प्रक्रिया इत्यादि के संबंध में सजग रहने और निर्वाचन आयोग के डायरेक्टरी से सिंबल के मिलान का निर्देश दिया।

उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था, पीसीसीपी पार्टी के रूट चार्ट को निर्धारित करने का दायित्व सौंपा। जिलाधिकारी ने कहा कि ईवीएम से पहली बार पंचायत निर्वाचन हो रहा है अतः ईवीएम की ट्रेनिंग बेहतर ढंग से दी जानी चाहिए ताकि इसके बदलने की नौबत ना आए या कम आए। सभी मास्टर ट्रेनरों के साथ प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी एवं पर्यवेक्षकीय पदाधिकारियों को भी ईवीएम की ट्रेनिंग दी जाएगी। जिलाधिकारी ने आगाह किया कि किसी भी स्थिति में री-पोल की नौबत ना आए, इस पर विशेष ध्यान देना है।जिलाधिकारी ने कहा कि

पंचायत निर्वाचन को लेकर आचार संहिता प्रभावी हो गई है। अतः इस दौरान कोई भी नई योजना नहीं ली जाएगी। उन्होंने प्रखंड स्तर पर भी जिला में गठित कोषांगों के अनुरूप कोषांग का गठन कर लिए जाने का निर्देश देते हुए विधानसभा की तरह तत्पर होकर निर्वाचन कार्य संपन्न कराने की बात कही।

जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन कार्यो में थोड़ी भी लापरवाही एव शिथिलता बर्दाश्त नही की जाएगी। जिलाधिकारी ने पंचायत चुनाव में विधिव्यवस्था के संधारण को लेकर  सभी आवश्यक कदम उठाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह निर्वाचन सबसे अधिक संवेदनशील है  और जिले में उपलब्ध पुलिस बल और होमगार्ड की सहायता से इसे सफलतापूर्वक संपन्न कराना है। उन्होंने पंचायत चुनाव को  एक बड़ी चुनौती मानते हुए  प्रखंड स्तर पर क्विक रिस्पांस टास्क फोर्स के रूप में मूवमेंट प्लान तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए।

पंचायत निर्वाचन संबंधी इस समीक्षात्मक बैठक में उप विकास आयुक्त श्रीमती अभिलाषा शर्मा, अपर समाहर्ता शत्रुंजय कुमार मिश्रा, अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी भूपेंद्र प्रसाद यादव, जिला पंचायती राज पदाधिकारी संजय कुमार वर्मा, अनुमंडल पदाधिकारी खगड़िया/गोगरी, भूमि सुधार उप समाहर्ता खगड़िया, अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी गोगरी, सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी/ वरीय उप समाहर्ता, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं विभिन्न प्रखंडों के पर्यवेक्षकीय पदाधिकारी शामिल थे।