Post Views: 482 सदीकी सबसे बड़ी कोरोना महामारीसे आक्रान्त पूरे विश्वको प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदीने दुनियाके सबसे विकसित सात लोकतांत्रिक देशोंके समूह-७ की शिखर बैठकोंके दौरान ‘वन अर्थ-वन हेल्थÓ का महामंत्र दिया है, जो ‘वसुधैव कुटुम्बकमÓ के भावसे अभिप्रेरित है। यह मात्र महामंत्र ही नही है, अपितु पूरी धरतीके मानव स्वास्थ्य और उनकी जीवन रक्षाका […]
Post Views: 698 अशोक भगत दुनियाकी दूसरी सबसे बड़ी जनसंख्यावाला देश भारत रोजगारके मामलेमें बेहद पिछड़ा माना जाता है। मानव सभ्यता विकासके प्रथम चरणसे ही प्रगतिका मापदंड रोजगार ही रहा है। इसमें यदि कोई देश पिछड़ा है तो अमूमन यह मान लिया जाता है कि उसकी आर्थिक प्रगति कमजोर है। आंकड़ोंके अनुसार भारतमें मात्र ३.७५ […]
Post Views: 1,523 सदानन्द शास्त्री अंतर्यात्राके पथपर चलनेवाले योग साधकमें सतत सूक्ष्म परिवर्तन घटित होते हैं। उसका अस्तित्व सूक्ष्म ऊर्जाओंके आरोह-अवरोह एवं अंतर-प्रत्यंतरकी प्रयोगशाला बन जाता है। योग साधकके लिए यह बड़ी विरल एवं रहस्यमय स्थिति है। ध्यानकी प्रगाढ़तामें होनेवाले इन सूक्ष्म ऊर्जाओंके परिवर्तनसे जीवनकी आंतरिक एवं बाह्य स्थिति परिवर्तित होती है। इन ऊर्जाओंमें परिवर्तन […]