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जुलाई से भारत में शुरू होगा स्पुतनिक-V का उत्पादन,


  • रूसी वैक्सीन स्पुतनिक-V (Sputnik-V) अगले हफ्ते से भारतीय बाजार में मौजूद होगी. 14 मई यानी आज देश में स्पुतनिक की दूसरी खेप आ जाएगी. इससे पहले एक मई को डेढ़ लाख वैक्सीन डोज की पहली खेप भारत पहुंची थी. नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके. पॉल ने इस बात की जानकारी दी है. वहीं उन्होंने एक और बड़ी जानकारी देते हुए कहा कि जुलाई से इस वैक्सीन का उत्पादन भी भारत में शुरू हो जाएगा.

उन्होंने कहा, ‘हम आशा करते हैं कि अगले हफ्ते तक स्पुतनिक भारतीय बाजार में आ जाएगी. भारत में इस वैक्सीन का उत्पादन फार्मा कंपनी डॉ. रेड्डी करेगी. स्पुतनिक भारत में तीसरी वैक्सीन होगी. इससे पहले 16 जनवरी से देश में शुरू हुए वैक्सीनेशन कार्यक्रम के दौरान अब तक सीरम इंस्टिट्यूट की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सिन का इस्तेमाल किया जाता रहा है. इनमें भी कोविशील्ड का प्रतिशत ज्यादा रहा है. अब स्पूतनिक-V भी आ गई है.’

किस वैक्सीन का एफीकेसी रेट है सबसे ज्यादा

स्पुतनिक -V ने तीसरे फेज के ट्रायल में मजबूत प्रतिरोधक क्षमता दिखाई है. नतीजों में 91.6% एफीकेसी रेट सामने आया है. वहीं कोविशील्ड की एफीकेसी रेट करीब 70 फीसदी है और दूसरे डोज के बाद यह 90 फीसदी तक जा सकता है. भारत की स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सिन का तीसरे फेज के ट्रायल में एफीकेसी रेट 81 फीसदी रहा था.

कोवैक्सिन और कोविशील्ड में अंतर

कोवैक्सिन को भारत बायोटेक कंपनी ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के साथ मिलकर बनाया है. इसीलिए इसे ‘स्वदेशी वैक्सीन’ भी कहा जाता है. इसके निर्माण में मृत कोरोना वायरस का इस्तेमाल किया गया है, ताकि वैक्सीन से लोगों को कोई नुकसान न पहुंचे.यह कोरोना संक्रमण के खिलाफ शरीर में एंटीबॉडी पैदा करती है, जिससे कोरोना से लड़ने में मदद मिलती है.