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तमिलनाडु: मिड-डे मील योजना को लेकर हाई कोर्ट सख्त, मांगा प्लान


  1. कोरोना और लॉकडाउन के चलते स्कूल बंद होने के बाद से मिड-डे मील योजना को लेकर मद्रास हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को भेजे नोटिस मे पूछा है कि स्कूल बंद होने के बाद से मिड-डे मील से वंचित बच्चों को पर्याप्त और पौष्टिक भोजन मिल सके, इसे सुनिश्चित करने के लिए सरकार क्या योजना बना रही है?

मुख्य न्यायाधीश संजीव बनर्जी और न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार राममूर्ति की पीठ ने कहा कि इस मामले पर राज्य को तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है. कोर्ट ने एक याचिका पर ये टिप्पणी की, जिसमें राज्य से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 में बच्चों को उनके दरवाजे पर भोजन और पोषण सामग्री प्रदान करने की मांग की गई थी, जिनका नाम मिड-डे मील योजना में है.

कोरोना महामारी और लॉकडाउन से गरीब परिवारों को हुआ नुकसान

हाई कोर्ट ने कहा कि इस संबंध में लॉजिस्टिक और व्यावहारिक कठिनाइयां हो सकती हैं, लेकिन ये दिया जाना चाहिए क्योंकि इन बच्चों के परिवारों को महामारी की स्थिति और लॉकडाउन के कारण आय का नुकसान हुआ है. साथ ही हाई कोर्ट ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि बच्चों को अच्छी तरह से खिलाया और पोषित किया जाता है, लेकिन ये सुनिश्चित करने के लिए राज्य द्वारा तेजी से कदम उठाए जाने की आवश्यकता है, खासकर जब कई परिवारों ने नौकरी खो दी है या कोरोना महामारी और व्यापार सामान्य नहीं होने के परिणामस्वरूप कम संसाधन उपलब्ध हैं.