पटना

पटना: आत्मनिर्भर बिहार बनाने में बैंकों की अहम भूमिका : तारकिशोर


  • बैंकर्स तत्परता एवं प्रतिबद्धता के साथ काम करें
  • मुख्य सचिवालय के सभागार में आयोजित हुई 75 वीं राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक

(आज समाचार सेवा)

पटना। 75वीं राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक मुख्य सचिवालय सभागार में आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता करते हुए बिहार के उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि आत्मनिर्भर बिहार के सपने को साकार करने में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि बैंक जब जरूरतमंद लोगों को ऋण देते हैं, तो वह बिहार के विकास में सहयोग करते हैं। भारत सरकार एवं बिहार सरकार रोजगार एवं उद्यमों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का संचालन कर रही है एवं सभी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन एवं उसके प्रतिफल में बैंकों की अहम् भूमिका है।

आवश्यकता इस बात की है कि बैंक पूरी तत्परता एवं प्रतिबद्धता से काम करें। उन्होंने कहा कि उद्योग क्षेत्र में पश्चिम चंपारण में अच्छा काम हुआ है। पश्चिम चंपारण का चनपटिया मॉडल प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने की दिशा में नजीर बना है। उन्होंने कहा कि तरुण एवं किशोर वर्गों में ऋण प्रवाह बढ़ाने की आवश्यकता है। विकसित बिहार के संकल्प को पूरा करने की दिशा में सभी बैंक सकारात्मक रूप से आगे बढ़ें।

सरकार प्रत्येक स्तर पर सहयोग एवं कठिनाइयों को दूर करने के लिए तैयार है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक बैंक की शाखा खोलने हेतु संकल्पित है। 1078 स्थानों की सूची बैंकों को राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठक के माध्यम से उपलब्ध करायी गयी है। उन्होंने सभी बैंकों से उन पंचायत सरकारी भवनों में शीघ्रता के साथ बैंक शाखा खोलने के निर्देश दिए।

उद्योग मंत्री मोहम्मद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि आत्मनिर्भर बिहार के लिए उद्योग क्षेत्र में कई योजनाओं की शुरुआत की जा रही है। बिहार में इथेनॉल हब एवं आईटी पार्क सहित अन्य बड़े प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है, जिनमें बैंकों की बड़ी भूमिका होगी। कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि बैंकों के असहयोगात्मक रवैया से योजनाएं बाधित हो रही हैं, आवेदन कम हो रहे हैं।

पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन मंत्री मुकेश सहनी ने बैंकों के असहयोगात्मक रवैया के प्रति असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि बैंकों में आवेदनों के निष्पादन में विलंब होने से लोगों में असंतोष एवं हताशा की स्थिति उत्पन्न होती है। उन्होंने राष्ट्रीयकृत बैंकों को निजी बैंकों की तर्ज पर काम करने के सुझाव दिए, ताकि अधिक-से-अधिक लोगों को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके।

इसके पूर्व वित्त विभाग के प्रधान सचिव एस. सिद्धार्थ ने विस्तार से एजेंडावार प्रतिवेदन को समिति के समक्ष रखा एवं समीक्षोपरांत लचर प्रगति वाले ने बैंकों को कार्यप्रणाली में सुधार लाते हुए लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने के सख्त निर्देश दिए गए।

उक्त बैठक में विकास आयुक्त आमिर सुबहानी, भारत सरकार के संयुक्त सचिव भूषण कुमार सिन्हा, कृषि विभाग के सचिव एन. सरवन कुमार, उद्योग विभाग के सचिव नर्मदेश्वर लाल, सहकारिता सचिव वंदना प्रेयसी, जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी बाला मुरुगन डी. सहित अन्य विभागों के प्रधान सचिव एवं सचिव, आर.बी.आई. के राज्य प्रतिनिधि बृजराज, नाबार्ड एवं सभी राष्ट्रीयकृत एवं वाणिज्यिक बैंक के राज्य प्रतिनिधिगण, बी.एस.एन.एल. के सी.जी.एम. एवं सभी जिलों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े जिला पदाधिकारी, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक उपस्थित थे।