पटना

पटना: नहाय-खाय के साथ छठ महापर्व शुरू, खरना कल


पटना (आससे)। चार दिन तक चलने वाला छठ पर्व सोमवार को नहाय-खाय के साथ शुरू हो गया है। छठ पूजा बिहार राज्य का प्रमुख पर्व है। छठ पूजा के पहले दिन व्रती स्नान करके नये कपड़े पहनते हैं और फिर पूजा करते हैं। पूजा के बाद व्रती भोजन में चने की दाल और कद्दू की सब्जी खाते हैं। संतान के कल्याण के लिए की जाने वाली यह पूजा 4 दिन तक चलती है और इस दौरान व्रती 36 घंटे का लंबा निर्जला व्रत रखते हैं। साथ ही उगते और अस्त होते सूर्य को अर्ध्य देते हैं।

छठ पर्व में छठी मैया की पूजा-आराधना की जाती है। संतान प्राप्ती और संतान के उज्जवल भविष्य के लिए छठी माता का आशीर्वाद लिया जाता है। इस दौरान महिलाएं बेहद कठिन व्रत रखती हैं, साथ ही पूजा के लिए तैयारियां भी करती हैं। छठ पूजा में कई सारी चीजों की जरूरत पड़ती है। आज छठ के लिए नहाए-खाए करने के बाद 9 नवंबर को खरना होगा। इसी दिन महिलाएं निर्जला व्रत करती हैं। इसके अगले दिन 10 दिसंबर को व्रती सूर्य का अर्ध्य देते हैं। 11 दिसंबर को उगते सूर्य को अर्ध्य देने के साथ छठ पर्व पूरा होगा।

छठ पूजा के लिए बांस की बड़ी टोकरियों या सूप की जरूरत होगी। इसके अलावा लोटा, थाली, दूध और जल के लिए गिलास, चावल, लाल सिंदूर, धूप, बड़ा दीपक, पानी वाला नारियल, गन्ना, सुथनी, शकरकंदी, हल्दी और अदरक का पौधा, नाशपाती, नींबू, शहद, पान, साबुत सुपारी, कैराव, कपूर, कुमकुम, चन्दन और मिठाई की जरूरत होगी।