पटना

पटना: मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर, विधानसभा में विपक्ष का हंगामा


स्पीकर की अनसुनी पर भडक़ा विपक्ष, किया चैंबर का घेराव

(आज समाचार सेवा)

पटना। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामसूरत रात के स्कूल से शराब बरामदगी मामला तूल पकड़ लिया है। शनिवार को इस मुद्दे को लेकर विधानसभा में जबरदस्त हंगामा हुआ। हंगामा के बीच विपक्ष दो बार बेल में आकर नारेबाजी की। हंगामा शांत नहीं होते देख स्पीकर ने सदन की कार्यवाही भोजनावकाश तक के लिए स्थगित कर दी। नाराज विपक्ष स्पीकर के चैंबर के समक्ष धरना दिया तथा नारेबाजी की। हालांकि स्पीकर ने इस जड़ता को समाप्त करने के लिए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव को अपने कक्ष में बुलाकर वार्ता की, पर वे इसमें विफल रहे। वहां से बाहर निकल कर नेता प्रतिपक्ष ने सभी विधायकों के साथ राजभवन मार्च किया।

शनिवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि गंभीर मसला है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामसूरत राय ने गलत कहा है। उन्होंने २०१७ में स्कूल का उदघाटन किया था। हमारे पार्टी के सदस्यों ने कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया है उसे स्वीकार करते हुए इस पर विशेष चर्चा करायी जाए। स्पीकर ने उनसे प्रश्न काल चलने देने की अपील करते हुए कहा समय पर इसे उठायें।

प्रश्नोत्तर काल समाप्त होते ही सभाध्यक्ष ने रेखा देवी समेत अन्य के द्वारा लाये गये ध्सानाकर्षण को यह कहते हुए अमान्य कर दिया कि आज अनुदान मांगों पर चर्चा के बाद पारित करना है। अतएव सूचना को नियमानुकूल नहीं पाते हुए अमान्य किया जाता है। हालांकि कार्यस्थगन की सूचना स्वयं नेता प्रतिपक्ष पढऩा चाहते थे जिसकी अनुमति स्पीकर ने नहीं दी।

सूचना अमान्य होने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि एविडेंस मंत्री के खिलाफ है और यह गंभीर भी है। सदन है इसे सदन का सुनना पड़ेगा। सदन में मजाक नहीं चलेगा। स्पीकर ने कहा कि आसन की बात नहीं सुनियेगा तो सदन कैसे चलेगा। पहले भी यह मामला उठा है। दलीय नेताओं की बैठक में सोमवार को पर्वाह्न १० बजे बैठक बुलायी गयी है। उसमें इस मसले का समाधान खोजा जायेगा।

हंगामे के झल्लाये उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद अपने सीट से खड़े होकर बोलने लगे कि आसन की कोई मर्यादा है या नहीं। इस तरह से सदन नहीं चलेगा। सदन सभी सदस्यों के लिए है किसी एक सदस्य के लिए नहीं। आसन के सम्मान के प्रति सभी सजग हैं। दलीय नेताओं की बैठक हुई है दसमें सभी दल के नेता मौजूद रहेंगे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मंत्री के पिता अर्जुन राय… उनके इतना कहते ही उप मुख्यमंत्री समेत कई ने आपत्ति जताते हुए कहा कि किसी भी सदस्य पर व्यक्तिगत हमला नहीं होना चाहिए।

इसके बाद संपूर्ण विपक्ष बेल में आकर नारेबाजी व हंगामा करने लगा। इसी बीच किसी सदस्य ने रिपोर्टर्स की कुर्सी को पलट दिया। हंगामे के बीच नेता प्रतिपक्ष को यह कहते हुए सुना गया कि जनता के सवाल को लेकर खड़े हैं। उत्तर भी देना होगा। कोई मंत्री आसन को गाइड करते रहे, गंभीरता नहीं रहेगी तो सदन का वहिष्कार करेंगे। हालांकि ग्रामीण विकास मंत्री व मुख्य सचेतक सत्तारुढ दल श्रवण कुमार ने विपक्ष को समझाने की कोशिश की परंतु वे भी सफल नहीं हुए।

लगभग ४५ मिनट तक हंगामे के बाद स्पीकर विजय कुमार सिन्हा ने सदन की कार्यवाही भोजनावकाश तक के लिए स्थगित कर दिया। इससे नाराज विपक्ष उनके चैंबर के नजदीक पहुंच नारेबाजी करने लगा और सभी सदस्य धरना पर बैठ गये। इस बीच स्पीकर ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रयाद यादव को अपने चैंबर में बुलाकर समझाने की कोशिश की, परंतु वे इसमें विफल रहे।

नेता प्रतिपक्ष उनके चैंबर से बाहर आते ही सभी सदस्यों को राजभवन चलने को कहा। उनके साथ संपूर्ण विपक्ष बाहर निकल गया और राजभवन मार्च किया। हंगामा और स्पीकर के कक्ष के समक्ष धरना के दौरान पूरे परिसर में अफरातफरी का दृश्य था।