पटना

बिहारशरीफ: उर्वरक कालाबाजारी करने वालों की खैर नहीं


      • उर्वरक दुकानदारों के पॉश मशीन का खंगाला जायेगा डाटा और देखा जायेगा 15 दिनों में कितना हुआ ट्रांजैक्शन
      • उर्वरक कंपनी के अधिकारी और थोक विक्रेता की नहीं चलेगी मनमानी खुदरा विक्रेताओं को रैक प्वाइंट से उर्वरक लेने का नहीं डाल सकेंगे दबाव

बिहारशरीफ (आससे)। खाद की कालाबाजार करने वालों की खैर नहीं। हर स्तर पर इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है। पॉश मशीनों की जांच होगी और इसमें गड़बड़ी पाये जाने पर कार्रवाई भी होगी। खाद की कालाबाजारी को लेकर पहले हीं जिला प्रशासन ने दुकानदारों को कड़ी चेतावनी दी थी और पारदर्शी तरीके से किसानों के बीच उर्वरक की बिक्री का निर्देश दिया था। जिला कृषि विभाग अब उर्वरक विक्रेताओं के पॉश मशीनों की जांच करेगी और जांच में अगर 15 दिनों में एक भी ट्रांजेक्शन नही निकला तो कार्रवाई  होगी। इतना ही नहीं पॉश के जरिये यह भी जांच होगा कि कितना उर्वरक खरीदा गया और कितना बिक्री हुई।

जिले में 584 उर्वरक विक्रेताओं के पास पॉश मशीन एक्टिव है। किसानों का आधार नंबर लेकर पॉश में इंट्री किया जाता है और किसानों का अंगूठा लगाकार खाद दी जाती है। ऐसे में अगर गड़बड़ियां हुई है तो दुकानदारों पर कार्रवाई तय है। ऐसे लोगों से पहले शो काउज पूछा जायेगा और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई होगी।

खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए विभाग अब खाद आपूर्ति करने वाली कंपनियों की कार्यशैली पर भी नजर रख रही है। सेल प्वाइंट तक कंपनी वाले को ही खाद पहुंचानी होगी। किसी भी हाल में खुदरा दुकानदारों को रैक प्वाइंट से उर्वरक लेने के लिए कंपनी के अधिकारी मजबूर नहीं करेंगे और ना ही होलसेलरों की मनमानी चलेगी। बताते चले कि जिले में उर्वरक के 32 थोक कारोबारी है जबकि खुदरा कारोबारियों की संख्या काफी अधिक है लेकिन 584 उर्वरक विक्रेताओं के पास पॉश मशीन एक्टिव है।