पटना

बिहारशरीफ: डॉक्टर्स डे पर आइएमए ने कोरोना वारियर्स के शहादत को याद किया


आइएमए बिहारशरीफ द्वारा नेशनल आइएमए को 8.20 लाख की दी गयी सहायतार्थ राशि

बिहारशरीफ (आससे)। स्थानीय आइएमए हॉल में गुरुवार को डॉक्टर डे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के बाद प्रेस से वार्ता करते हुए आइएमए के अध्यक्ष डॉ॰ जवाहर लाल ने कहा कि चिकित्सकों पर हो रहा हमला दुर्भाग्यपूर्ण है। इसपर केंद्र और राज्य सरकार को कड़े नियम बनाने की जरूरत है। नित्य प्रतिदिन चिकित्सकों पर मरीज एवं उनके परिजनों द्वारा हमले के कारण चिकित्सक भय के वातावरण में सेवा कर रहे है।


बिहारशरीफ: न्यूरोलॉजिस्ट डॉ॰ दिनेश स्वास्थ्य मंत्री के हाथों हुए सम्मानित

बिहारशरीफ (आससे)। आइएमए बिहार द्वारा पटना के आइएमए भवन में चिकित्सा दिवस के अवसर पर कोविड रोकथाम में लगे अस्पतालों को कोविड-19 वैश्विक महामारी में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय द्वारा चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। सम्मानित किये गये चिकित्सकों में नालंदा के रहने वाले डॉ॰ दिनेश भी शामिल है।

पटना के एक अस्पताल में कुशल न्यूरोलॉजिस्ट हैं डॉ॰ दिनेश जो मौजूदा समय में आइएमए बिहार के असिस्टेंट सेक्रेटरी तथा आइएमए के नेशनल ज्वाइंट सेक्रेटरी भी है भी सम्मानित किये गये है। उनके सम्मान से जिले के लोगों में खुशी व्याप्त है। चिकित्सा जगत एवं समाजसेवा से जुड़े लोगों ने डॉ॰ दिनेश को सम्मानित होने पर प्रसन्नता व्यक्त की है और उन्हें बधाई दी है।


सचिव डॉ॰ अजय कुमार ने कहा कि कोरोना काल में लोगों की सेवा करते अब तक बिहार के 120 चिकित्सक साथी शहीद हो गये है। उन्हीं के याद में आज डॉक्टर डे मनाया जा रहा है। आज हमलोगों को खुशी नहीं बल्कि उनकी शहादत याद आ रही है। उन लाचार परिवारों को सहायतार्थ बिहारशरीफ आइएए के द्वारा नेशनल आइएमए को 8 लाख 20 हजार की छोटी सी रकम प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव द्वारा चिकित्सकों पर दिया गया वक्तव्य से चिकित्सा जगत में क्षोभ व्याप्त है।

इस मौके पर स्टेट आइएमए द्वारा डॉ॰ श्याम नारायण प्रसाद, डॉ॰ सुजीत कुमार एवं रामकुमार दिवाकर को कोरोना काल में विशेष रूप से सेवा देने के लिए प्रशस्ति पत्र दिया गया। आइएमए के नेशनल ज्वाइंट सेक्रेटरी तथा बिहार के असिस्टेंट सेक्रेटरी डॉ॰ दिनेश कुमार ने आइएमए नालंदा द्वारा दिया गया चेक ग्रहण किया। डॉ॰ इंद्रजीत, डॉ॰ सुजीत कुमार, डॉ॰ अरूण कुमार, डॉ॰ अजय कुमार (पैथो), डॉ॰ रश्मि, डॉ॰ अमरजीत, डॉ॰ विवेकानंद, डॉ॰ अभिषेक समेत अन्य लोग मौजूद थे।