पटना

बिहार में बालू संकट खत्म, खुली बिक्री शुरू


      • प्रति १०० सीएफटी चार हजार दर तय, भाड़ा अलग
      • विभाग ने पांच जिलों के डीएम के संग की समीक्षा

(आज समाचार सेवा)

पटना। राज्य में बालू का संकट समाप्त हो गया। सरकार ने स्वयं अपने एजेंसियों के माध्यम से बालू की विक्री शुरू कर दी है। एनटीपीसी समेत अन्य प्रतिष्ठानों और परियोजनाओं के लिए बालू की आपूर्ति शुरू कर दी गयी है।

खान एवं भूतत्व विभाग के प्रधान सचिव हरजोत कौर ने पटना, भोजपुर औरंगाबाद, सारण और रोहतास के जिलाधिकारियों के संग वीडियोकांफ्रेंसिंग कर बालू की उपलब्धता एवं दर निर्धारण को लेकर बैठक की। प्रधान सचिव ने सभी पांचों जिलों के जिलाधिकारियों को आम लोगों को सुलभ तरीके से बालू उपलब्ध हो इसके लिए आवश्यक निर्देश दिया है।

विभाग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इन पांचों जिलों में ११.९९ करोड़ सीएफटी उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त पांच करोड़ सीएफटी जब्त बालू यानि १६.५ हजार करोड़ सीएफटी का स्टॉक उपलब्ध है। इन सभी जिलों के लिए सरकार ने चार हजार से ४०२५ रुपये प्रति १०० सीएफटी का दर तय किया है। इसके अतिरिक्त बालू ढ़लाई भाड़ा लगेगा। सूत्रों ने बताया कि इन जिलों में बालू की बिक्री शुरू करने के लिए सभी जिलों को विज्ञापन प्रकाशित कर एजेंसी चयन करने को कहा गया है। संभवत: एक से दो सप्ताह में खुली विक्री शुरू हो जायेगी।

वर्तमान में नवादा औरंगाबाद और अरवल में खुली बिक्री शुरू कर दी गयी है। उन्होंनें बताया कि पुलिस मुख्यालय को कोइलबर, डोरीगंज समेत अन्य घाट जहां बालू का स्टाक है वहां सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया है। चुंकि सरकार को विभिन्न श्रोतों से सूचना मिली है कि बालू के खेल के पुराने खिलाड़ी सरकार की नयी पहल को धक्का पहुंचाने का पूरजोर प्रयास करने वाले हैं।

इस दृष्टिकोण से सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था जरूरी है। सभी जिलों के डीएम व एसपी को भी पत्र लिखा गया है। वहीं बालू की खुली बिक्री की पूरी प्रक्रिया पर विभाग की पैनी नजर रहेगी। खासकर इस बात पर नजर रहेगी कि जो दर निर्धारित है उससे ऊंचे दर पर बालू नहीं बेचा जा रहा है।