पटना

बेगूसराय: आखिरकार साहब ने प्रधानाध्यापिका को किया निलंबित


बेगूसराय (आससे)। शिक्षा विभाग बेगूसराय की नाकामी पर खुद लगाई मोहर। किस अधिकारी ने विभाग को कराई फजीहत आखिरकार इतने दिनों तक इस मामले को पेंडिंग में क्यों रखा गया। अगर विद्यालय के प्रधानाध्यापिका माला कुमारी दोषी नहीं थी तो फिर निलंबित क्यों करना पड़ा? मध्य विद्यालय हेमरा के प्रधानाध्यापिका माला कुमारी से संदर्भित साक्ष्य अगर सही था तो क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक मुंगेर को क्यों नहीं भेजा गया। कौन सी मजबूरी आ गई जो निलंबित करना पड़ा।

इससे स्पष्ट हो रहा है कि विभाग के द्वारा बचाने का प्रयास किया जा रहा था। अगर पूर्व में ही करवाई हो जाती तो बिभाग की छवि धूमिल नहीं होती। फिलहाल विभाग ने देर से ही सही लेकिन निलंबित कर दी है। ज्ञात हो कि उक्त मामला लोकायुक्त पटना में चल रहा है कहीं इसी से बचने को लेकर निलंबित तो नहीं किया गया। इस तरह की तमाम सवाल शिक्षक समाज में उठने लगे हैं आरडीडीई ने प्रधानाध्यापिका को निलंबित करने का दिया आदेश था। इसी आलोक में डीपीओ ने निलंबित किया।

उक्त मामला मध्य विद्यालय हेमरा का है जहां प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी ने भी उक्त विद्यालय का स्थलीय जांच किया था। लेकिन इसके बावजूद उस पर कार्रवाई नही हुई थी। इसी को लेकर क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक ने पत्र प्रेषित कर प्रधानाध्यापिका माला कुमारी को निलंबित करते हुए इसकी जानकारी क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय को देने को कहा है।इसी आलोक में डीपीओ ने 4 मई को निलंबित करने का आदेश निर्गत किया है। निलंबन अवधि में मटिहानी बीआरसी में उपस्थिति पंजी पर हस्ताक्षर बनाएगी

बताते चले कि  इस विद्यालय से संदर्भित मामला लोकायुक्त में भी दर्ज करवाया गया है। जिसमें विभाग के कई पदाधिकारी को पार्टी बनाया गया है। टीएलएम खरीद में घोटाले का आरोप, समेत कई आरोप लगाया गया था। जिसकी जाँच बीईओ ने किया था। जिसकी जाँच की प्रति विभाग को दिया गया था। जिसके बाद, डीपीओ ने कार्रवाई करने का आदेश दिया। कार्रवाई नहीं हुई तो आरडीडीई तक हुई शिकायत। कार्रर्वाई के नाम पर तिथि बदलते रही है। लेकिन जब मामला लोयुक्त गया तो अब आरडीडीई ने भी एचएम को दोषि मानते हुए डीईओ को एच्एम को निलंबित कर रिपोर्ट देने को कहा था।

हेमरा मध्य विद्यालय की प्रधानाध्यापिका माला कुमारी को बचाने के लिए कई हथकंडे अपनाए गए है। बताते चलें कि ‘आज’ हिंदी दैनिक में शीर्षक दबंग दीदी के खिलाफ जांच प्रतिवेदन शिक्षा विभाग के कूड़ेदान में खबर प्रमुखता के साथ प्रकाशित की गई थी। वही 1 फरवरी 2021 को भी आज अखबार के वेब पोर्टल पर शीर्षक शिक्षा विभाग में फाइल जांच सिर्फ जांच बन कर रह जाती है, लगाई थी।

जिसके बाद शिक्षा विभाग में कई तरह की चर्चा होने लगी कि आखिरकार उक्त शिक्षिका को बचाने का कार्य कौन कर रहा है? यह स्पष्ट है कि पर्दे के पीछे रहकर कुछ अधिकारी एवं शिक्षक संघ के कुछ नेता बचाने का प्रयास कर रहे थे। हालांकि निलंबन की कार्रवाई को मजबूरी ही कहा जाए अगर उक्त मामला लोकायुक्त में नहीं गया होता तो शायद निलंबन की बात भी नहीं होती और इसी तरह से समय को खींचते चले जाते।

आरडीडीई मो. फैयाजुर रहमान, ने कहा है कि माला कुमारी मध्य विद्यालय हेमरा के संबंधित कई परिवाद पत्र इस कार्यालय को प्राप्त हो रहे हैं। प्राप्त परिवाद पत्र की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई कर प्रतिवेदन देने को कहा गया था। लेकिन बेगूसराय शिक्षा विभाग द्वारा कार्रवाई से संबंधित प्रतिवेदन कार्यालय को उलब्ध नहीं कराया जा रहा है।

आरडीडीई ने कहा है कि अनिल कुमार और अन्य ग्रामीणों के आवेदन पत्र के साथ डीईओ के पत्र से स्पष्ट होता है कि माला कुमारी मध्य विद्यालय हेमरा द्वारा सरकारी कार्य में व्यावधान उत्पन्न किया जा रहा है। उन्होनें डीईओ को विद्यालय के एचएम को सरकारी कार्य में व्यावधान उत्पन्न करने, स्वेच्छाचारिता विद्यालय के अनुशासन भंग करने विभागीय कार्य में अभिरूची नहीं लेने के आरोप में शीघ्र निलंबित करते हुए कार्यालय को अवगत कराने का आदेश दिया है।