पटना

राजधानी के 110 स्लम में आधारभूत संरचना का होगा विकास


(आज समाचार सेवा)

पटना। पटना नगर निगम एवं संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या प्रकोष्ठ के बीच 110 स्लम के विकास, सफाई कर्मियों की कपैसिटी बिल्डिंग, सफाई कर्मियों के आश्रितों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने एवं मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों की गरिमा, स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए करार किया गया है।

समझौते के अंतर्गत दोनों पक्षों द्वारा कुल 110 बस्तियों में आधारभूत संरचना का विकास एवं आवश्यक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। इस काम को दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में 50 स्लमों का विकास किया जाएगा और दूसरे चरण में शेष 60 बस्तियों के विकास की रूपरेखा तैयार की गई है। कार्यक्रम में स्लम नेटवर्किंग प्लान का विमोचन किया गया।

प्रथम चरण जनवरी 2021 से दिसंबर 2021 तक पूर्ण करने एवं द्वितीय चरण को जनवरी 2022 से लेकर दिसंबर 2022 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित है। पटना नगर निगम के सफाई कर्मियों को कार्यकुशल बनाने के लिए अगले दो वर्षों तक ट्रेनिंग एवं कोर्स के माध्यम से जॉब रेडी किया जाएगा। पटना नगर निगम के सफाई कर्मियों के आश्रितों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निगम क्षेत्रांतर्गत कुल छह समूह तैयार किए जाएंगे। इन समूहों के एक फेडरेशन की स्थापना की जाएगी।

पटना नगर निगम द्वारा सेप्टिक टैंक, मैनहोल की सफाई के लिए मशीनों का क्रय कर इन समूहों को उपलब्ध काराया जाएगा। मशीनों की सहायता से समूह के सदस्यों द्वारा पटना नगर निगम क्षेत्र में सेप्टिक टैंक, मैनहोल  की सफाई सेवा उपलब्ध करायी जाएगी और जीविकोपार्जन किया जाएगा। सभी छह समूह की सदस्य या तो महिला सफाई कर्मी होंगी या पुरुष सफाई कर्मियों के परिवार की महिला होंगी। पटना नगर निगम द्वारा सैनिट्री नैपकिन की पैकेजिंग की तीन यूनिट स्थापित की जाएंगी। इन सभी यूनिटों का संचालन महिलाओं द्वारा ही किया जाएगा।

वार्ड पार्षदों का ओरिएंटेशन करार के अंतर्गत पटना नगर निगम के पार्षदों के लिए ओरिएंटेशन सह कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा जहां उन्हें नगर निकाय की शक्तियों, अधिकार, जिम्मेदारियों, चुनौतियों एवं भविष्य की रूप रेखा पर विचार विमर्श किया गया। इस ओरिएंटेशन सह कार्यशाला में पार्षदों एवं विशेषज्ञों द्वारा 74वें संविधान संशोधन एवं बिहार नगर पालिका अधिनियम एवं स्वच्छ सर्वेक्षण पर चर्चा की गई। महीने भर के अंदर पार्षदों के लिए दूसरे कार्यशाला का भी आयोजन किया जाएगा। स्लम बस्ती में रहने वाली महिलाओं को प्रजनन एवं यौन स्वास्थ्य के संबंध में विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा एवं काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी।

इस मौके पर पटना नगर निगम की महापौर सीता साहू ने कहा कि पटना नगर निगम ना केवल सेवाओं की संख्या और गुणवत्ता में वृद्धि कर रहा  है बल्कि अपनी पूरी टीम के आउटपुट को भी बढ़ाने, उनकी निजी जिंदगी को खुशहाल बनाने और उनके सम्पूर्ण विकास के लिए प्रयायरत है। सभा को संबोधित करते हुए उप महापौर मीरा देवी ने कहा कि पटना नगर निगम की टीम इस बात से अवगत है कि विकास कभी भी एक स्तर पर नहीं संभव। हर तबके और हर क्षेत्र की कड़ी एक दूसरे से जुड़ी हुई है।  वहीं नगर आयुक्त हिमांशु शर्मा ने कहा कि पटना नगर निगम एवं यूएनएफ पीए संवहवीय एवं समावेशी शहरीकरण के लिए हुए समझौते की बदौलत हम उन लोगों को भी मुख्य धारा से जोड़ेंगे जो अनदेखे हैं और जिनकी आवाज आमतौर पर अनसुनी रह जाती है।

उन्होंने कहा कि स्लम के विकास के बिना स्मार्ट पटना का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता है। 10 बस्तियों से शुरू हुए कार्य का विस्तार 110 बस्तियों तक किया जा रहा है। वहीं यूएनएफ पीए इंडिया की प्रतिनिधि एवं यूनएफ पीए भूटान की कंट्री ने बताया कि वर्ष 2050 तक विश्व की आबादी का दो तिहाही हिस्सा शहरों में बसेगा। इसलिए नगर निकायों की भूमिका अत्यंत आवश्यक है।

इस मौके पर रेरा अपीलीय ट्रिब्यूनल के सदस्य सुनील कुमार सिंह , सशक्त स्थायी समिति के सभी सदस्य, पटना नगर निगम के पार्षद सहित पटना नगर निगम के अधिकारी भी उपस्थित थे।