Post Views: 846 सुमन द्विवेदी श्रद्धेय सत्येन्द्र कुमार गुप्तजीने हिन्दी पत्रकारिताको अद्यतन रूप प्रदान करनेके साथ हिन्दीके प्रचार-प्रसारमें महत्वपूर्ण योगदान किया है। आपके मातामह राष्ट्ररत्न श्री शिवप्रसाद गुप्त हिन्दीके अनन्य सेवक थे। श्रद्धेय सत्येन्द्र कुमार गुप्तजीको हिन्दी प्रेम विरासतमें प्राप्त हुआ। आपने विदेशोंमें उच्च शिक्षा प्राप्त की थी फिर भी आपमें भारतीय संस्कार मूर्तिमान थे। […]
Post Views: 513 प्रणय कुमार भारतरत्न बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर अपने अधिकांश समकालीन राजनीतिज्ञोंकी तुलनामें राजनीतिके खुरदुरे यथार्थकी ठोस एवं बेहतर समझ रखते थे। नारों एवं तकरीरोंकी हकीकत वह बखूबी समझते थे। जाति-भेद एवं छुआछूतके अपमानजनक दंशको उन्होंने केवल देखा-सुना-पढ़ा ही नहीं, अपितु भोगा भी था। तत्कालीन जटिल सामाजिक समस्याओंपर उनकी पैनी निगाह थी। […]
Post Views: 545 डा. प्रदीप कुमार सिंह कई देश कोरोना महामारीकी दूसरी या तीसरी लहरसे गुजर चुके हैं। अधिकांश देशोंमें दूसरी लहरका प्रकोप पहली लहरसे तीव्र रहा है। भारतमें १५ जनवरीसे ८ मार्चतक ५२ दिनोंकी अवधिमें दैनिक संक्रमितजनोंके आकड़े न्यूनतम स्तरपर लगभग स्थिर दिखायी दिये एवं १ फरवरीको संख्या सबसे कम ८५८७ रही। जनवरीमें महामारी […]