Post Views: 459 बाबा हरदेव साधसंगत, कामधेनु हुआ करती है, यह अपना फल दिये जाती है। लेकिन जरूरत होती है निमाणा बनने की। जैसे एक सज्जन थे। उन्होंने किसीको पानी भरनेके लिए नलपर भेजा। काफी इन्तजार की गयी तो वह बहुत व्याकुल हो उठे और सोचने लगे, देरी क्यों हो गयी। नल तो थोड़ी दूरपर […]
Post Views: 1,075 तारकेश्वर मिश्र कांग्रेसने पंजाबमें मुख्य मंत्री आखिरकार बदल ही दिया। कैप्टन और सिद्धूमें खींचतान काफी लंबे समयसे जारी थी। अन्तमें जीत सिद्धू खेमेकी हुई है। लेकिन कांग्रेसने अपने नये मुख्य मंत्रीको जिस तरह दलित मुख्य मंत्रीके तौरपर प्रचारित किया है। इसका सीधा-सा अर्थ है कि कांग्रेसने अगले साल चुनावोंके मद्देनजर जाति कार्ड […]
Post Views: 861 आनन्द सिन्धदूत शिक्षा व्यवस्थामें पाठ्यक्रम सम्बन्धी बदलाव जितना पिछले सौ-सवा सौ वर्षोंमें भारतमें हुआ उतना पहले कभी नहीं हुआ था। शायद इसका कारण ज्ञानके स्रोतोंमें विकासकी तेजी थी। विज्ञान, कला, व्यवसाय किसी भी क्षेत्रमें पिछली शताब्दियां अनुसन्धान और वैचारिक स्थापनाओंके लिए विशेष रूपसे जानी जायंगी। इन सूचनाओं और स्थापनाओंको पाठ्यक्रममें शामिल कर […]