उत्तर प्रदेश प्रयागराज

संगमकी रेतीपर आस्थाका मेला शुरू, लगी पुण्यकी डुबकी


प्रयागराज (आससे.)। मकर संक्रान्ति के स्नान के साथ ही संगम की रेती पर लगने वाले आस्था के मेले की गुरुवार को शुरुआत हो गयी। त्रिवेणी तट पर पूरे दिन आस्थावान लोगों ने पुण्य लाभ अर्जित करने के लिए डुबकी लगायी और दान करके अपना परलोक सुधारा। हालांकि कोरोना महामारी के कारण इस साल गत वर्षों की तुलना में भीड़ अपेक्षाकृत कम रही। माघ मेला २०२०-२१ के पहले स्नान पर्व मकर संक्रान्ति पर गुरुवार सुबह घना कोहरा होने के कारण कम ही लोग संगम पहुंचे, लेकिन दिन चढऩे पर सूर्यदेव के दर्शन होने पर मेले में भीड़ ब$ढ़ी। बुजुर्गों के साथ ही युवक-युवतियों और बच्चों को गोदी में लेकर या अपने कंधे पर बैठाकर अभिभावक मेले में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए पहुंचे। स्नान-दान और मेला क्षेत्र में सेल्फी भी खींची। इस बार पुलिस और प्रशासन की सख्ती के कारण घाट पर तीर्थ पुरोहित नहीं बैठ सके। अगर कोई दिखा तो पुलिस ने हटवा दिया। आईजी केपी सिंह ने खुद माइक सम्भाल लिया और श्रद्धालुओं को स्नान के बाद घाट खाली करने को कहते रहे। आईजी एवं जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने मोटर बोट से अरैल घाट तक निरीक्षण किया। मेला क्षेत्र के सेक्टर तीन से सेक्टर पांच तक क्षेत्र में काफी सन्नाटा रहा। कोरोना संक्रमण के दौर में माघ मेला में मंच एवं पण्डाल पर रोक के चलते हर बार की तरह इस बार शिविरोंसे भजन-कीर्तन की आवाज नहीं सुनायी दी। लाउड स्पीकर पर हर वक्त कोरोना की ही उद्घोषणा होती रही। जीटी जवाहर चौराहे सहित मेले में कुल एक दर्जन स्थलों पर कोविड हेल्प डेस्क बनायी गयी थी, जहां बुखार नापने के बाद प्रवेश दिया जा रहा था। जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि सभी तैयारियां की गई हैं। मानक के अनुरूप गंगा जल का प्रवाह ठीक है। वहीं दूसरी ओर सेक्टर चार और सेक्टर पांच के घाटों पर कटान बढऩे के कारण परेशानी हुयी और स्नान नहीं हो सका। पुलिस ने श्रद्धालुओं को पाण्टून पुल से संगम नोज की ओर भेज दिया।