खेल

हम कोई चिडिय़ाघर के जानवर नहीं


सिडनी (एजेन्सियां)। भारतीय क्रिकेट टीम को लगता है कि उनके साथ आस्ट्रेलिया में अच्छा बर्ताव नहीं किया जा रहा। टीम को कोरोना प्रोटोकाल के चलते सिडनी के होटल में क्वारंटीन रखा जा सकता है। ऐसे में भारतीय खिलाडिय़ों ने अपनी नाराजगी जताई है। टीम इंडिया के सूत्रों के हवाले से कहा गया कि आप स्टेडियम में प्रशंसकों (२० हजार लोगों) को एंट्री देकर उन्हें आजादी से जीने की अनुमति देते हैं और हमसे कहते हैं कि सीधे होटल जाओ और क्वारंटीन में रहो। खासकर तब जब हमारा कोरोना टेस्ट भी निगेटिव हो, तो यह जू में जानवरों को रखने जैसा बर्ताव है। हम नहीं चाहते ऐसा हो। उन्होंने कहा हमसे सिडनी में जो कहा जायेगा उस नियम का पालन करेंगे। हम चाहते हैं कि हम भी हर आस्ट्रेलियन नागरिक की तरह ही नियमों का बराबरी से पालन करें। इसलिए यदि दर्शकों को स्टेडियम में आने की अनुमति नहीं मिलती है, तभी कोई मतलब बनता है कि हमसे क्वारंटीन में रहने के लिए कहा जाय। टीम सूत्रों ने खुलासा किया है कि क्रिकेट आस्ट्रेलिया (सीए) की मेडिकल टीम ने पिछले हफ्ते सख्त निर्देश दिए थे कि उन्हें होटल रूम से निकलने की अनुमति नहीं मिलेगी। खासकर सिडनी और ब्रिस्बेन टेस्ट के दौरान। भारतीय खिलाडिय़ों ने उनकी यह बात स्वीकार भी कर ली थी। हालांकि टीम मैनेजमेंट ने तुरंत ही मेडिकल टीम से कह दिया था कि यह स्थिति उन्हें स्वीकार करने में मुश्किल होगी। हाल ही में रिपोट्र्स में दावा किया गया था भारतीय टीम क्वारंटाइन नियमों के कारण ब्रिस्बेन में नहीं खेलना चाहती है क्योंकि वहां खिलाडिय़ों को ट्रेनिंग के अलावा बाहर जाने की इजाजत नहीं होगी। वहीं क्वींसलैंड सरकार ने सख्त लहजे में हिदायत दी है कि अगर नियमों के हिसाब से चलना हो, तो ही टीम इंडिया ब्रिसबेन में चौथा टेस्ट खेलने के लिए आए। भारतीय टीम आईपीएल के दौरान सितम्बर के बाद से लगातार क्वारंटीन और बायो-बबल में ही है। आस्ट्रेलिया में भी उन्हें सख्त नियमों का पालन करना पड़ रहा है। इस सवाल के जवाब में सूत्रों ने कहा हमारे खिलाडिय़ों ने इस दौरे के लिए काफी कुर्बानी दी है। जैसे मोहम्मद सिराज के पिता का इंतकाल हो गया लेकिन वे घर नहीं गये और पिता को आखिरी विदाई नहीं दे सके। हमारे बाकी खिलाड़ी भी लगातार छह महीने से बायो-बबल में रह रहे हैं। यह आसान नहीं होता।