Post Views: 1,159 ऋतुपर्ण दवे नववर्षका आरंभ चैत्र मासकी शुक्ल प्रतिपदाको शक्तिकी उपासना, चैत्र नवरात्रिसे होता है। पंचाग रचनाका भी यही दिन माना जाता है। इसी दिन सूर्योदयसे सूर्यास्ततक दिन, महीना और वर्षकी गणना की गयी थी। हिंदू नववर्षकी शुरुआत अंग्रेजीके नये सालकी तरह रातके घनघोर अन्धेरेमें नहीं, बल्कि सूर्यकी पहली किरणके साथ होती है। […]
Post Views: 1,028 दीपचन्द परमपिता परमात्माका साक्षात्कार करनेकी विधिका नाम उपासना है। शांत चितसे ईश्वरका ध्यान करते हुए उसकी समीपताका अनुभव करना, अपनी आत्माको आनंद स्वरूप परमेश्वरमें मगन करना उपासना कहा गया है। हमारे ग्रंथोंमें इसे भक्ति भी कहा गया है। जिस विधिसे चित्तकी वृत्तियोंका निरोध करके परमेश्वरके चिंतनमें स्वयंको लगाया जाता है, वही भक्ति […]
Post Views: 891 डा. भरत झुनझुनवाला किसी समय इंग्लैंडमें एक अमीर थे रॉत्सचाइल्ड। इनकी कई देशोंमें व्यापारकी शाखाएं थी। यदि किसी व्यक्तिको एक देशसे दूसरे देश रकम पहुंचानी होती थी तो वह ट्रांसफर रॉत्सचाइल्डके माध्यमसे सुरक्षापूर्वक हो जाता था। जैसे मान लीजिए आपको दिल्लीसे मुम्बई रकम पहुंचानी है। आपने रॉत्सचाइल्डके दिल्ली दफ्तरमें एक लाख चांदीके […]