Post Views: 505 बाबा हरदेव साधसंगत, कामधेनु हुआ करती है, यह अपना फल दिये जाती है। लेकिन जरूरत होती है निमाणा बनने की। जैसे एक सज्जन थे। उन्होंने किसीको पानी भरनेके लिए नलपर भेजा। काफी इन्तजार की गयी तो वह बहुत व्याकुल हो उठे और सोचने लगे, देरी क्यों हो गयी। नल तो थोड़ी दूरपर […]
Post Views: 980 श्रीराम शर्मा सरसता हृदयका शृंगार, ईश्वरका वरदान है। सहृदय मानवको ईश्वरीय गुणों से लबालब होते देखा गया है। सरस बनिएए सरसताका अभिप्राय कोमलता, मधुरता, आद्रता है। सहृदय व्यक्तिपर दु:खकातर होता है। दूसरोंके दु:खोंको बंटानेमें वह ईश्वरीय आनन्दका अनुभव करता है, जिनके हृदय नीरस हैं, वह स्वयं और परिवारको ही नहीं अपने संपर्कमें […]
Post Views: 1,577 विश्वके अनेक छोटे-बड़े राष्टï्रोंने जहां कोरोना महामारीके खिलाफ मजबूत जंगमें भारतका हरसम्भव सहयोग करनेके लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया है वहीं दो पड़ोसी देशों चीन और पाकिस्तानका रवैया कितना अमानवीय और शर्मनाक है, इसका ताजा दृष्टïान्त सामने आया है। यह उनकी विकृत मानसिकता और संवेदनहीनताका प्रमाण है। चीनके सरकारी सिचुआन एयरलाइंसने भारतके […]