Post Views: 854 विरला ही कोई ऐसा भारतीय होगा जो किसी न किसी क्षेत्रमें बंगालकी असाधारण प्रतिभा एवं तीक्ष्ण बौद्धिकतासे प्रभावित न हुआ हो। परन्तु कैसी विचित्र विडंबना है कि जो बंगाल कला, सिनेमा, संगीत, साहित्य, संस्कृतिकी समृद्ध विरासत और बौद्धिक श्रेष्ठताके लिए देश ही नहीं, पूरी दुनियामें विख्यात रहा हो, वह आज चुनावी हिंसा, […]
Post Views: 710 श्यामसुन्दर मिश्र स्वतन्त्रता प्राप्तिके बाद अधिकांश नेता देशसेवा एवं देशभक्तिकी भावनासे लबरेज रहे। किन्तु कुछ चोटीके नेताओंने अपनी धमक एवं धनबलके चलते उन्हें अपने इरादोंमें कामयाब नहीं होने दिया। फलस्वरूप लोकतंत्र एक पार्टी एवं एक परिवारकी विरासत बनकर रह गया। यह भी नहीं कहा जा सकता कि उनके कार्यकालमें विकास कार्य नहीं […]
Post Views: 770 डा. शंकर सुवन सिंह शोध उस प्रक्रिया अथवा कार्यका नाम है जिसमें बोधपूर्वक प्रयत्नसे तथ्योंका संकलन कर सूक्ष्मग्राही एवं विवेचक बुद्धिसे उसका अवलोकन, विश्लेषण करके नये तथ्यों या सिद्धांतोंका उद्घाटन किया जाता है। रैडमैन और मोरीने अपनी किताब दि रोमांस आफ रिसर्चमें शोधका अर्थ स्पष्ट करते हुए लिखा है कि नवीन ज्ञानकी […]