Post Views: 994 जग्गी वासुदेव यदि कोई जीवनको ही नहीं समझता तो वह यह कैसे समझ सकता है कि मृत्यु क्या है। अभी तो जीवित हैं परन्तु यदि यह नहीं समझ पाते कि आप कहां हैं तो फिर उस बातको कैसे समझ पायंगे जो अभी होना बाकी है। मृत्यु जैसा कुछ भी नहीं है। यहां […]
Post Views: 1,249 निरंकार सिंह कृषि सुधारके विरोधमें दिल्लीके आसपास डेरा डालनेवाले किसान भी कांग्रेस शासित पंजाब और राजस्थानके ही ज्यादा हैं जो पूरे देशके किसानोंके ठेकेदार बनकर इन कानूनोंकी वापसी मांग कर रहे हैं। लेकिन देशमें आज भी कोई ऐसा किसान संघटन नहीं है जो पूरे देशके किसानोंकी रहनुमाई करता हो। देशकी ६५ फीसदीसे […]
Post Views: 866 भारतके साथ सहमति बननेके बाद पूर्वी लद्दाखमें पैंगोंग झीलके निकटवर्ती क्षेत्रोंसे सेनाओंको हटानेके साथ ही झीलके दक्षिणी दिशामें रेजांग ला और रेचिन ला से भी चीनी सैनिकोंने पीछे हटनेकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस इलाकेकी ऊंची पहाडिय़ोंमें भारतीय सेना रणनीतिक रूपसे बढ़त बनाये हुई थी। रेजांग ला और रेचिन ला से […]