Post Views: 1,082 डा. भरत झुनझुनवाला श्रमको रोजगार देनेकी मूल समस्याओंका वर्तमान लेबर कोडमें हल दिखता नहीं है। लेबर कोडमें कुछ प्रावधान श्रमिकोंके पक्षमें है जैसे अल्पकालीन श्रमिकोंको वे सभी सुविधाएं उपलब्ध करानेका प्रावधान किया गया है जो कि स्थायी श्रमिकोंको उपलब्ध हैं। दूसरी तरफ उद्योगोंको बंद करनेके लिए पूर्वमें सौ श्रमिकोंसे अधिकवाले कारखानोंको सरकारसे […]
Post Views: 910 योगेश कुमार गोयल संयुक्त राष्ट्र अधिकार पत्रपर ५० देशोंके हस्ताक्षर होनेके साथ ही संयुक्त राष्ट्रकी स्थापना हुई थी, जो एक ऐसा अंतराष्ट्रीय संघटन है, जो अपनी स्थापनाके बादसे ही विश्व शांतिके साथ मानवाधिकार, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति तथा अंतरराष्ट्रीय कानूनोंको सुविधाजनक बनानेके लिए कार्यरत है। इसकी स्थापना द्वितीय विश्वयुद्धके विजेता […]
Post Views: 1,023 श्रीश्री रवि शंकर जीवनमें अनिश्चितताको देखो, यही सत्य है। जरा पीछे घूमकर दृष्टि डालो, अब तक तुमने जो कुछ भी किया वह स्वप्न की तरह लगेगा। भविष्यमें तुम चाहे कुछ भी करो, शहरको महापौर बना तुम कई बार रोए-रोए हो, क्रोधित हो, बहुत बार लड़ाई, झगड़ा किए हो, तो क्या सब कुछ […]