Post Views: 1,041 डा. भरत झुनझुनवाला श्रमको रोजगार देनेकी मूल समस्याओंका वर्तमान लेबर कोडमें हल दिखता नहीं है। लेबर कोडमें कुछ प्रावधान श्रमिकोंके पक्षमें है जैसे अल्पकालीन श्रमिकोंको वे सभी सुविधाएं उपलब्ध करानेका प्रावधान किया गया है जो कि स्थायी श्रमिकोंको उपलब्ध हैं। दूसरी तरफ उद्योगोंको बंद करनेके लिए पूर्वमें सौ श्रमिकोंसे अधिकवाले कारखानोंको सरकारसे […]
Post Views: 798 सुरेश सेठ दुनियापर यह कैसी गाज गिरी है कि पिछले बरसके पूर्वाद्र्धसे शुरू हुआ कोरोना प्रकोप विदा लेनेका नाम ही नहीं ले रहा। पिछले वर्षान्ततक उसका दबाव कम हुआ और प्रतिबंध घटते वातावरणमें देशका उद्यमी, व्यवसायी, स्टार्टअप निवेशक और श्रमशील किसान खुली हवामें दम साधकर फिरसे अपने क्षेत्रकी टूट-फूटको संवारनेमें लगना चाहता […]
Post Views: 800 विष्णुगुप्त आखिर ट्रीटमेंट आतंकवादका प्रश्न सोशल मीडियामें चलकर आम आदमीतक क्यों और कैसे पहुंचा। आम आदमीका समर्थन क्यों हासिल किया। क्या भविष्यमें यह प्रश्न गंभीर बनकर कानून बनानेवाले शासन चलानेवाले दुनियाको दशा-दिशा देनेवाले तत्वोंको भी मथेगा। आम जनता एवं गरीब जनताको भी ट्रीटमेंट आतंकवादसे मुक्ति दिलानेके लिए समुचित और निर्णायक सहित सभी […]