Post Views: 741 अशोक भगत दुनियाकी दूसरी सबसे बड़ी जनसंख्यावाला देश भारत रोजगारके मामलेमें बेहद पिछड़ा माना जाता है। मानव सभ्यता विकासके प्रथम चरणसे ही प्रगतिका मापदंड रोजगार ही रहा है। इसमें यदि कोई देश पिछड़ा है तो अमूमन यह मान लिया जाता है कि उसकी आर्थिक प्रगति कमजोर है। आंकड़ोंके अनुसार भारतमें मात्र ३.७५ […]
Post Views: 886 अवधेश कुमार पश्चिम बंगालमें चुनावी हिंसा हमेशा पूरे देशका दिल दहलाती है। निस्संदेहए वर्तमान चुनावमें चुनाव आयोगकी सख्तीका असर हुआ है, लेकिन तीसरे दौरके मतदानमें कूचबिहार के एक विधानसभा क्षेत्रमें हुई हिंसा पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने जो रवैया अख्तियार किया है वो हिंसा से कहीं ज्यादा […]
Post Views: 1,119 अभिनय आकाश सत्ताके लिए नैतिकताके मूल्य जानबूझकर तोड़े गये, भाषाकी मर्यादा भी टूटती रही। महाभारत क्या है। सत्ताके लिए निरन्तर टूटती मर्यादाएं। महाभारतके युद्धके वक्त तमाम तरहके कायदे तय हुए थे जैसे सूर्यास्तके बाद कोई शस्त्र नहीं उठायेगा, स्त्रियों, बच्चों और निहत्थोंपर कोई वार नहीं करेगा। महाभारत तो परम्पराओंकी कहानी है लेकिन […]