Post Views: 773 प्रो. संजय द्विवेदी कोरोनाके इस दौरने हर किसीको किसी न किसी रूपमें गंभीर रूपसे प्रभावित किया है। किसीने अपना हमसफर खोया है तो किसीने अपने घर-परिवारके सदस्य, दोस्त या रिश्तेदारको खोया है। इन अपूरणीय क्षतिका किसी न किसी रूपमें दिलोदिमागपर असर पडऩा स्वाभविक है, लेकिन मनोचिकित्सकोंका कहना है कि ऐसी स्थितिका लम्बे […]
Post Views: 734 डा. भरत झुनझुनवाला वैश्विक सलाहकारी कम्पनी मैकेंजीने अक्तूबर २०२० के एक अध्ययनमें कहा था कि यूरोपके छोटे उद्योगोंका स्वयंका अनुमान है कि आधे आनेवाले १२ माहमें बंद हो जायेंगे। भारतकी परिस्थिति ज्यादा दुष्कर है क्योंकि हमारे छोटे उद्योगोंने लाकडाउनके साथ नोटबंदी और जीएसटीकी मार भी खायी है। ई-कॉमर्स और बड़ी कम्पनियोंने छोटे […]
Post Views: 482 सुखदेव सिंह कोरोना वायरसकी दूसरी लहर शुरू होनेपर मानवता भी शर्मसार होकर रह गयी है। लोग संक्रामक रोगसे पीडि़त व्यक्तियोंके साथ बहुत ही गलत व्यवहार कर रहे हैं। यही नहीं, कोरोना वायरसकी वजहसे मरनेवालोंके साथ पशुओंसे भी बदतर व्यवहार किया जा रहा है। कुल मिलाकर कहा जाय तो जागरूकताकी बजाय जनताको भयभीत […]