Post Views: 598 आर.एन. तिवारी हमारे धर्माचार्योंने श्रीमद्भगवत गीताको संजीवनीकी संज्ञा दी है। यह हमें जीनेकी राह बताती है। दुर्योधनके अपने जीवन मूल्योंसे भटकनेके कारण ही महाभारतका युद्ध हुआ जिसमें करोडों लोगोंकी मौत हुई। जो केवल अपना भला चाहता है वह दुर्योधन है। जो अपनोंका भला चाहता है वह युधिष्ठिर है और जो सबका भला […]
Post Views: 762 प्रशान्त त्रिपाठी कोरोनासे अनाथ हुए बच्चोंको लेकर सुप्रीम कोर्ट गम्भार हुआ है। सर्वोच्च न्यायालय इसपर गहरी चिंता जाहिर करते हुए सभी राज्य प्राधिकारियोंको ऐसे बच्चोंकी तत्काल पहचान करने एवं उन्हें राहत मुहैया करानेका निर्देश दिया। महिला एवं बाल विकास मंत्रालयने इस प्रश्नको गम्भीरतासे लिया है और राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग द्वारा भी […]
Post Views: 834 ओशो विचारकी वीणाके तार इतने खिंचे हुए हैं कि उनसे संगीत पैदा नहीं होता और मनुष्य विक्षिप्त हो गया है। यह विचारकी वीणाके तार थोड़े शिथिल करने अत्यंत जरूरी हो गये हैं, ताकि वह समस्थितिमें आ सकें और संगीत उत्पन्न हो सके। विचारका केंद्र मस्तिष्क है और भावका केंद्र हृदय है और […]