Post Views: 911 विष्णुगुप्त आतंकवादकी आउटसोर्सिंग और जिहादी मानसिकतामें पाकिस्तान आज ऐसा फंसा है, जिससे बाहर निकलनेका कोई रास्तातक नहीं है। आतंकवादकी खेतीके कारण आज पाकिस्तान लगभग दिवालिया हो चुका है। उसकी अर्थव्यवस्था चौपट हो गयी है, प्रधान मंत्री इमरान खान कटोरे लेकर भीख मांगनेके लिए पूरी दुनियामें घूमें। परन्तु कोई देश भीख देनेको तैयार […]
Post Views: 1,414 ओशो अपनी आंखें बंद कर लो और अपनी रीढ़को आंखोंके सामने लाओ। इसका निरीक्षण करो और इसके बीचोंबीच एक तंतुको देखो, कमलके तंतु जैसा नाजुक, तुम्हारी रीढ़के खंभेमेंसे गुजर रहा है। रीढ़में बीचोंबीच एक रुपहला धागा है, यह शारीरिक तंतु नहीं है। यदि इसे खोजनेके लिए आपरेशन करोगे तो इसे नहीं पाओगे। […]
Post Views: 1,007 हरीश नपी-तुली औपचारिक बातोंसे एक सूत आगे न बढऩे और बिना स्वार्थ कहीं निगाहें न डालनेके लिए मशहूर मित्र वर्माजीका फोन आया। अरसेसे मुलाकात नहीं हुई, मिलनेका बहुत मन है। आग्रहको टालना अशिष्टता थी। मैंने कहा, आपका स्वागत है। कल छुट्टी है, चले आइये। नियत समयपर सपत्नीक पधारे। खुफिया निगाहोंसे कमरेके आकारका […]