Post Views: 5 डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री सरकारी मंडियोंमें सरकारसे लाइसेंस लेकर कुछ लोगोंने अपनी दुकानें भी खोल रखी हैं। बोलचालकी भाषामें इन दुकानदारोंको आढ़तिया कहा जाता है। किसान वक्त-बेवक्त इन आढ़तियोंसे पैसा उधार भी लेता रहता है। परन्तु आढ़तियोंको अपना पैसा मारे जानेका कोई खतरा नहीं होता क्योंकि उसे पता है कि किसान अपनी […]
Post Views: 10 डा. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा देशमें कोरोनाके पीक समय सितंबरमें भी एक दिनमें अधिकतम ९७ हजार ८६० कोरोना संक्रमित एक दिनमें देशमें सामने आये थे। कोरोनाकी दूसरी लहरकी सूचना जब इंग्लैण्ड सहित योरोपीय देशोंसे आने लगी थी तो हम उत्साहित थे कि हमारे यहां दूसरी लहर इसलिए नहीं आयगी कि सरकार द्वारा अहतियाती […]
Post Views: 3 डा. जयंतीलाल भंडारीï चालू वित्त वर्षमें अर्थव्यवस्थामें गिरावटके बाद तीव्र गतिसे वृद्धि मुश्किल होगी, जैसा कि पिछली बार राष्ट्रीय स्तरपर लाकडाउन हटनेके बाद देखा गया था। इसका कारण इस बार उपभोक्ता धारण कमजोर बनी हुई है क्योंकि लोग पिछले सालके मुकाबले महामारीकी दूसरी लहरके असरको देखकर काफी चिंतित हैं। गौरतलब है कि […]