Post Views: 29 हृदयनारायण दीक्षित प्राचीनताका बड़ा भाग प्रेरक और गर्व करने योग्य होता है। अंग्रेजोंने प्रचारित किया कि भारत एक राष्ट्र नहीं है। अंग्रेजी सभ्यता प्रभावित विद्वानोंने मान लिया कि हम कभी राष्ट्र नहीं थे। अंग्रेजोंने ही भारतको राष्ट्र बनाया। बीसवीं सदीके सबसे बड़े आदमी महात्मा गांधीने अंग्रेजोंको चुनौती दी। उन्होंने १९०९ में हिन्द […]
Post Views: 11 कृषिप्रधान देश भारतमें प्रति वर्ष डेढ़ लाख करोड़ रुपये मूल्यके कृषि उपजका नष्टï होना न केवल गम्भीर चिन्ताका विषय है, बल्कि यह भण्डारण प्रबन्धनकी विफलताका भी प्रमाण है। अनाजोंके नष्टï होनेका सिलसिला लम्बे समयसे जारी है। यह क्रम कबतक चलेगा, यह भी अनिश्चित है। यह भारतीय कृषि अर्थव्यवस्थाके लिए अशुभ संकेत है, […]
Post Views: 21 डा. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा कोरोनाके कारण लम्बे समयतक प्रभावित हालातोंके बाद पिछले दो-तीन महीनोंसे लगने लगा था कि अब देशमें हालात पटरीपर आने लगे हैं परन्तु मार्च आते-आते जिस तरहसे कोरोना पाजिटिवके मामले बढ़ते जा रहे हैं वह एक बार फिर चिन्ताका कारण बन रहा है। पिछले १२ सप्ताहोंमें नये केसोंमें ३३ […]