पटना

पटना: कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए मुख्य सचिव ने जारी किये निर्देश


पटना (आससे)। राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को त्वरित एवं प्रभावी ढंग से लागू करने, इनके सतत् अनुश्रवण एवं राज्य में न्याय के साथ विकास को सुनिश्चित करने एवं प्रशासन को और अधिक संवेदनशील बनाने के लिए गुरुवार को निर्देश जारी किया है। मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने यह निर्देश सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, सभी प्रमंडलीय आयुक्त एवं सभी जिला पदाधिकारियों को जारी किया है।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिया है कि राज्य मुख्यालय स्तर पर प्रत्येक सोमवार, मंगलवार एवं शुक्रवार को यथासंभव यथासंभव पदाधिकारीगण मुख्यालय में उपस्थित रहकर कार्य करेंगे। शुक्रवार को पदाधिकारियों के द्वारा आम लोगों से मिलने का समय रखा जायेगा तथा इसे प्रचारित भी किया जाएगा। मुख्यालय स्तर पर बैठकें यथासंभव उपरोक्त तीन दिवसों में ही रखी जाएंगी। राज्य मुख्यालय का क्षेत्रीय कार्यालय से केवल मंगलवार को विडियो कान्फ्रेंस होगा। जिला पदाधिकारियों के साथ विडियो कान्फ्रेंस करने के पूर्व मुख्य सचिव से अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। सप्ताह के शेष दिनों में अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव क्षेत्र भ्रमण पर रहेंगे एवं अपने विभागीय कार्यों का निरीक्षध एवं समीक्षा करेंगे।

निर्देश में कहा गया है कि पूर्व से ही राज्य में विभागीय अपर मुख्य सचिवों/प्रधान सचिवों/सचिवों को जिलों के प्रभारी सचिव का दायित्व सौंपा गया है। पूर्व में दिए गए निर्देशों के आलोक में इनके द्वारा अपने आवंटित जिलों का भ्रमण माह में कम से कम एक बार अवश्य किया जाना है। अन्य भ्रमण के लिए निर्धारित दिनों में विभागीय योजनाओं का स्थल निरीक्षण किया जाना है। क्षेत्रीय प्रमंडल स्तर/जिलास्तर/ अनुमंडल स्तर एवं प्रखंड/अंचल स्तर के पदाधिकारी भी उपरोक्त कंडिका-१ के संगत प्रावधानों के अनुसार ही काररवाई करेंगे।

शुक्रवार को राज्य मुख्यालय से लेकर प्रमंडल/जिला/अनुमंडल प्रखंड/ अंचल स्तर तक के सभी पदाधिकारीगण आम लोगों से साक्षात्कार हेतु कार्यालय में उपस्थित रहेंगे। बुधवार एवं गुरुवार को सभी पदाधिकारी क्षेत्र भ्रमण पर रहेंगे। सभी नियंत्री पदाधिकारी इस अवधि में यह सुनिश्चित करेंगे कि अधीनस्थ पदाधिकारीगण उपरोकत निदेशों का अक्षरश: पालन कर रहे हैं। अधीनस्थ पदाधिकारियों की टूर डायरी की भी इस अवधि में सघन मॉनिटरिंग की जाएगी।

उपर्युक्त व्यवस्था को उच्चतर स्तर के निदेशों एवं किसी विधि व्यवस्था की प्रतिकूल स्थिति होने पर आवश्यकतानुसार संशोधित किया जा सकेगा और कंडिका-४ (ख) के उल्लेखित दिवस के स्थान पर उसी सप्ताह के अन्य दिवस पर भ्रमण किया जाएगा। क्षेत्रीय प्रमंडल/जिला/अनुमंडल/प्रखंड/अंचल स्तर के वरीय प्रशासनिक पदाधिकारीगण कार्यालय अवधि में अपने विहित कार्यालय प्रकोष्ठï में रहकर ही कार्य करेंगे। कार्यावधि में आवासीय कार्यालय से कार्य निष्पादन वर्जित रहेगा। जिला पदाधिकारी के स्तर पर विभिन्न स्टेक होल्डर्स के साथ वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में नियमित बैठकें की जाएगी।

अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव/प्रमंडलीय आयुक्त/जिला पदाधिकारी अपने क्षेत्र भ्रमण के दौरान संबंधित क्षेत्र के अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के टोलों का भ्रमण अवश्य करेंगे ताकि उनके मध्य विकास कार्यों का प्रभावी निरीक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

प्रशासनिक पदाधिकारियों के द्वारा जिस पंचायत का भ्रमण किया जायेगा उस पंचायत के निम्रलिखित सहित विविध योजनाओं/कार्यक्रमों का स्थल निरीक्षण किया जाएगा- सात निश्चय-१ की योजनाएं तथा जिला निबंधन सह परामर्श केन्द्र की गतिविधियां, कुशल युवा कार्यक्रम के तहत संचालित कौशल प्रशिक्षण केन्द्र, हर घर नल का जल  के तहत क्रियान्वित ग्रामीण एवं शहरी पेय जल योजनाएं घर तक पक्की गली नाली की योजनाएं निर्मित/निर्माणाधीन अभियंत्रण महाविद्यालय, चिकित्सा, चिकित्सा महाविद्यालय, पॉलिटेक्नीक संस्थान, जीएनएम/ एएनएम/ नर्सिंग, आईटीआई संस्थान आदि। साथ ही सात निश्चिय-२ तथा जल जीवन हरियाली योजना का निरीक्षण किया जाएगा।