पटना

पटना: पहले बच्चे को धक्का मारा, फिर बेल्ट से पीटकर ली जान


      • आरोपित के घर पर पथराव, घंटों बवाल, आरएएफ ने संभाला हालात
      • आरोपित के पिता हैं कोर्ट में पीपी, पिता-पुत्र गिरफ्तार

फुलवारीशरीफ (पटना)(आससे)। राजधानी पटना के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र के राजपुताना इलाके से एक मासूम बच्चे को पहले स्कूटी से धक्का मारा गया उसके बाद भी मन नहीं भरा तो दिव्यांग मूक बधिर बच्चे को घर में ले जाकर बेल्ट से और दीवार में सर टकराकर जमकर पिटाई की गई, जिसकी गम्भीर हालत में अस्पताल ले जाने के बावजूद मौत हो गयी। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही मोहल्ले के लोग आक्रोशित हो गये और आरोपी के घर को घेरकर जमकर पथराव किया।

इतना ही नहीं मोहल्ले वालों ने घंटों बवाल कर आरोपित स्कूटी सवार लडक़े और उसके पिता को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़े रहे। कई घंटों की मशक्कत के बाद आरोपित पिता-पुत्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, तब जाकर लोग शांत हुए। गिरफ्तार आरोपी के पिता कोर्ट में पीपी बताये जाते  हैं। इधर घटना में मृतक बच्चे के घर कोहराम मचा हुआ है। परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल हो रहा है। जिन्हें देख हर कोई यही जानना चाह रहा था कि मासूम मूक बधिर बच्चे का क्या कसूर था जो धक्का मारने के बाद भी बेल्ट से पीट कर हत्या कर दिया गया।

घटना के बारे में बताया जाता है कि शिवाजी पथ में स्कूटी से ठोकर लगने के बाद घायल मूकबधिर दिव्यांग छात्र शिवम कुमार (12) की इलाज के दौरान सोमवार की सुबह मौत हो गयी। बेटे शिवम की मौत की खबर मिलते ही उसकी मां आशा देवी की हालत काफी खराब हो गयी। घर में सभी का रो-रो कर बुरा हाल है। मृतक छात्र के पिता शंकर कुमार वाहन चालक हैं।

उन्होंने बताया कि बीते शनिवार की शाम पांच बजे उनका 12 साल का मूकबधिर बेटा शिवाजी नगर में साइकिल चला रहा था। इसी बीच छठी क्लास का छात्र स्कूटी से पहुंचा और उसने अपने घर के सामने ही शिवम की साइकिल में धक्का मार दिया। हादसे में जख्मी होने पर भी वह शिवम को अपने घर ले गया और बेल्ट से पिटाई की। शंकर का आरोप था कि मारपीट करने में उसके पिता भी शामिल थे। इस पूरे घटना का गवाह मृतक बच्चे का छोटा भाई है।

शंकर ने बताया कि छोटे बेटे सागर ने जब अपनी नानी को पूरे मामले की जानकारी दी तो सभी लोग वहां दौड़े-दौड़े पहुंचे और शिवम को घर से बाहर निकाला। इसके बाद जख्मी छात्र को इलाज के लिए राजवंशीनगर अस्पताल ले जाया गया। बाद में उसे एक अन्य अस्पताल ले जाया गया, जहां सोमवार की सुबह उसकी मौत हो गयी। हादसे के बाद जख्मी छात्र की बेल्ट से की पिटाई से मौत के बाद गुस्साये परिजनों व स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया।

लोगों ने आरोपित का मकान घेर लिया और कुछ लोगों ने ईंट-पत्थर भी चलाये। हालांकि, आक्रोशित लोगों को शांत कराने में मृतक छात्र शिवम के पिता शंकर कुमार काफी मशक्कत कर रहे थे। गुस्साये लोगों का कहना था कि हादसे के बाद आरोपित और उसके पिता ने जख्मी शिवम की बेल्ट से पिटाई की थी। गंभीर चोट लगने की वजह से इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना मिलने पर गर्दनीबाग थाना प्रभारी अरुण कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रैफ व दंगा निरोधक दस्ते को बुलाया। उसके बाद पुलिस आरोपित छात्र व उसके पिता सह स्पेशल पीपी को अपने साथ लेकर थाने आयी। इसके बाद लोग शांत हुए। थाना प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि इस हादसे व पिटाई से मौत के आरोपों की जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

नानी के घर में रह कर पढ़ाई करता था शिवम

शिवम मूकबधिर था, जो शिवाजी नगर में अपनी नानी के घर रहकर एक निजी स्कूल में कक्षा चार में पढ़ता था। शिवम के साथ उसका छोटा भाई सागर कुमार व बहन रागिनी भी रहती थी, जबकि मृतक के पिता शंकर कुमार ने गर्दनीबाग इलाके में एक कमरा ले रखा है। शंकर कुमार मूलरूप से नालंदा जिला के बिहारशरीफ के सिलाव के मैजरा के रहने वाले हैं। शनिवार को घटना के दिन शंकर कुमार गाड़ी लेकर छपरा गये थे।

इसी दौरान उन्हें हादसे की जानकारी मिली तो वह रविवार की सुबह वहां से वापस पटना आ गये थे। गर्दनीबाग थाना पुलिस मामले की तेजी से जांच में जुटी है। इस मामले में पिता और पुत्र का जेल जाना तय माना जा रहा है।