पटना

बिहार सरकार श्रमिकों के हितों की रक्षा हेतु प्रतिबद्ध : जीवेश कुमार


जाले (दरभंगा)(आससे)। राज्य सरकार की ओर से प्रवासी श्रमिकों के कल्याणार्थ एक और पहल करते हुए श्रम संसाधन विभाग के मंत्री जिवेश कुमार ने शनिवार को बताया कि कोरोना काल में आसामयिक मृत्यु को प्राप्त हुए प्रवासी मजदूरों को रूपये एक लाख की सहायता दिए जाने का प्रयास किया था। जिसके परिणाम स्वरूप बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना संशोधन नियमावली, 2020 के द्वारा सरकार द्वारा घोषित “महामारी” में मृत प्रवासी श्रमिक को भी इस योजना से आच्छादित करने का प्रावधान किया गया है एवम इसे लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत भी शामिल किया गया है।

विदित हो कि बिहार राज्य से बाहर अन्य राज्यों/विदेशों में कार्य करने वाले प्रवासी श्रमिकों के कल्याणार्थ राज्य सरकार द्वारा बिहार प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना का संचालन किया जा रहा है। प्रथम योजना के प्रावधानों के अनुसार प्रवासी मजदूरों के दुर्घटना के कारण हुई मृत्यु की दशा में उनके आश्रितों को एक लाख रुपये का अनुदान दिया जाता है। दूसरी योजना अंतर्गत दुर्घटना के फलस्वरूप स्थाई पूर्ण अपंगता की स्थिति में पचहतर हजार एवम एवं स्थाई आंशिक अपंगता की स्थिति में सैंतीस हजार पाँच सौ प्रवासी मजदूर को अनुदान के रूप में देय है।

मंत्री श्री कुमार ने बताया कि  दोनों योजनाओं के अन्तर्गत लाभुकों को अनुदान राशि आरटीजीएस के माध्यम से उपलब्ध करायी जाती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कोरोना संक्रमण के बाद योजना से वैसे प्रवासी श्रमिक भी आच्छादित होंगे जो सरकार द्वारा घोषित “महामारी” में मृत हुए हों।

दुघर्टना का स्वरूप के संदर्भ में मंत्री ने बताया कि योजना के अन्तर्गत ट्रेन या सड़क दुर्घटना, विद्युत स्पर्शाद्यात, साँप काटना, पानी में डुबना, आग, वृक्ष अथवा भवन से गिर जाना, जंगली जानवरों द्वारा प्रहार, आतंकवादी अथवा आपराधिक आक्रमण आदि से हुई दुर्घटना को शामिल किया गया है।

प्रक्रिया के संदर्भ में मंत्री ने बताया कि योजना के अन्तर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थी प्रखंड, अंचल के RTPS काउंटर पर अथवा ऑनलाइन माध्यम से https://serviceonline.bihar.gov.in पर वांछित अभिलेखों के साथ आवेदन समर्पित कर सकेंगे। इसके लिये लाभार्थियों को कार्यालय में आने जाने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने बताया कि सरकार हर स्तर पर प्रदेश के श्रमिकों एवं प्रदेश से बाहर काम करने वाले बिहार के श्रमिकों के हितों की रक्षा हेतु प्रतिबद्ध है।