पटना

मुजफ्फरपुर: बागमती के साथ लखनदेई नदी में भी उफान से बाढ़ का रुख विकराल होने की आशंका, 55 गांवों के सौ से अधिक घर बाढ़ की चपेट में; पीड़ित कर रहे नाव की मांग


औराई (मुजफ्फरपुर)(आससे)। औराई एवं कटरा प्रखंड क्षेत्र में बागमती नदी के साथ-साथ लखनदेई नदी में भी जलस्तर की बढ़ोतरी शुरू हो चुकी है। लखनदेई नदी के तटबंध पर निगरानी रखी जा रही है। अगर जलस्तर में बढ़ोतरी हुई तो औराई प्रखंड का 17 पंचायत बाढ़ की चपेट में आ सकता है। अब तक लड़ाई कटरा प्रखंड के 55 गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है।

जिसमें करीब 100 से ज्यादा घरों में बाढ़ का पानी घुसा हुआ है। विस्थापित परिवार ऊंचे स्थानों की ओर पलायन कर चुके हैं। औराई प्रखंड के बिशनपुर गोकुल पंचायत के बीच विस्था गांव में बाढ़ एवं बरसात के पानी से दर्जनों एकड सब्जी का खेती नष्ट हो चुका है। इस आपदा की घड़ी में सब्जी बेचने वाले दर्जनों परिवार बेरोजगारी के कारण अन्य प्रदेश जीविकोपार्जन हेतु पलायन करने  लगे हैं।

कटरा प्रखंड के बसघटा, वर्री, तेहवाड़ा पंचायत की स्थिति बाढ़ के कारण गंभीर बनी हुई है यहां के लोगों के लिए निजी नाव ही सहारा है। जिस कारण बाढ़ पीड़ित रोजमर्रा की वस्तुएं निजी नाव के सहारे दुकान जाकर खरीदते हैं। बाढ़ के कारण नवादा चौक पर कई दुकानों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। सरकारी विद्यालयों में भी बाढ़ का पानी घुसा हुआ है। पताही गांव में भी दर्जनों घरों में बाढ़ का पानी घुसा हुआ है।

इन क्षेत्रों में स्थिति इस तरह बन चुकी है की किसी को बेनीवाद या कटरा जाना है तो काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इन क्षेत्रों में बीमार ग्रस्त व्यक्तियों के लिए इलाज के हेतु बाहर जाना नामुमकिन है। कटरा कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष चंद्रकांत मिशन जिलाधिकारी से मांग किया है कि सरकारी नाव का व्यवस्था बाढ़ ग्रस्त पंचायतों में किया जाए तथा मेडिकल टीम का भी व्यवस्था नाव के सहारे इन गांव में सेवा प्रदान किया जाए।