वाराणसी

बाबा कालभैरवको लगा १०८ प्रकारके पकवानोंका भोग

काशीके कोतवाल बाबा कालभैरवका वार्षिक महाअन्नकूट महोत्सव शुक्रवारको आयोजित किया गया। इस अवसरपर जहां बाबा की नैनाभिराम झांकी सजायी गयी वहीं शुद्ध घी और गंगाजल से बने १०८ प्रकारके पकवानोंका भोग लगाया गया। इस अवसरपर भैरोक्षेत्रमें उपस्थित देवालयोंमें भी अन्नकूट की झांकी सजायी गयी। कालभैरव मन्दिरमें महोत्सवका शुभारंभ ब्रह्मï मुहूर्तमें बाबाके पंचामृत स्नानसे हुआ। सिन्दूर […]

वाराणसी

दण्डपाणि भैरव की सजी अन्नकूट की झांकी

काशीके दंडाधिकारी बाबा दण्डपाणि भैरव मंदिरमें भी अन्नकूट महोत्सव मनाया गया। मंदिरके महंत पण्डित छोटू महाराजके आचार्यत्व में महोत्सवका शुभारंभ बाबाके पंचोपचार पूजनसे हुआ। बाबा की अलौकिक झांकी सजायी गयी तथा उन्हें छप्पन प्रकारका भोग अर्पित किया गया। इस अवसरपर पूरे मंदिरको जहां रंग-बिरंग फूलोंसे सजाया गया था वहीं मंदिरमें अवस्थित महाकालेश्वर महादेव और पंचपंडवाका […]

वाराणसी

मानव सेवा ही सच्चा धर्म है-विशप यूजीन जोसफ

क्रिसमस के दिन कैथेड्रिल चर्च व लाल गिरजाघर में मसीही समुदाय लोगों ने सुबह विशेष प्रार्थना सभा में विश्व कल्याण की कामना के साथ महामारी कोरोना से मुक्ति के लिए भी ईश्वर से प्रार्थना की तत्पश्चात बाद एक दूसरे से मिल कर क्रिसमस की बधाई दी। एक दूसरे के घर जा कर भी लोगों ने […]

वाराणसी

गिरजाघरोंमें उमड़ी भीड़, क्रिसमसकी दी बधाई

कोरोना के चलते छावनी स्थित सेंट मेरिज कैथेड्रल चर्च में लगने वाला तीन दिवसीय क्रिसमस मेला भले ही स्थगित रहा हो लेकिन चर्च परिसर एवं इर्द-गिर्द काफी संख्या में भीड़ एकत्र हुई। बड़ी संख्या में पहुँचे लोगों को मेला स्थगित होने की जानकारी बनी वजह हालांकि तमाम लोग इस वाकिफ भी रहे लेकिन क्रिसमस के […]

सम्पादकीय

भयावह वायु प्रदूषण

वायु प्रदूषणसे देशमें जन-धनकी हो रही भारी क्षतिका अनुमान केन्द्र सरकारकी संस्था भारतीय चिकित्सा अनुसन्धान परिषद (आईसीएमआर) की ताजा रिपोर्टसे लगाया जा सकता है, जो अत्यन्त ही भयावह और गम्भीर रूपसे चिन्ताजनक है। लीसेट प्लेनेटरी हेल्थमें प्रकाशित रिपोर्टमें कहा गया है कि वर्ष २०१९ में वायु प्रदूषणके चलते १६ लाख ७० हजार लोगोंको अपनी जानसे […]

सम्पादकीय

कोरोनाने बढ़ायी विषमता

अजीत रानाडे यह वर्षमें प्रवेशके इस अवसरपर व्यापक आर्थिक स्तरपर हवाएं हमारे पक्षमें बहती दिख रही हैं। स्टॉक मार्केट पहलेकी तुलनामें उच्च स्तरपर है। शेयर मूल्य सूचकांक मार्चकी गिरावटके बरक्स लगभग ६० प्रतिशत ऊपर हैं। स्टॉक मार्केटको आगेकी आर्थिक स्थितियोंका सूचक माना जाता है तो यह स्पष्ट रूपसे ठोस आर्थिक पुनरुत्थानको इंगित कर रहा है। […]

सम्पादकीय

बाइडेनसे बेहतर रिश्तेकी उम्मीद

जी. पार्थसारथी अमेरिकी राष्ट्रपति क्लिंटन लीकसे हटकर चीनके साथ संबंध सुधारनेको आतुर थे वहीं जम्मू-कश्मीरकी हालतको बहाना बनाकर भारतके अंदरूनी मामलोंमें दखल देनेसे नहीं हिचक रहे थे। जबकि क्लिंटनके बाद आये जॉर्ज बुश (जूनियर) भारतके साथ सबसे ज्यादा दोस्ताना संबंध रखनेवाले अमेरिकी राष्ट्रपति थे। राष्ट्रपति बुशने भारतपर लगे वैश्विक परमाणु प्रतिबंध हटवानेमें मदद की थी। […]

सम्पादकीय

किसानोंको मोहरा बनाते सभी राजनीतिक दल

रवि शंकर कृषि भारतीय अर्थव्यवस्थाकी रीढ़ है। सभी व्यवस्थाएं अर्थव्यवस्थासे जुड़ी हैं। वर्तमानमें करीब ७० फीसदीसे ज्यादा कृषि आधारित व्यवस्था मुनाफा कमा रहे हैं लेकिन इस खाद्य श्रृंखलामें किसान ही है। उसे प्रकृतिकी मार, बाजारका शोषण, हरित क्रांतिकी दोषपूर्ण व्यवस्था और नयी आर्थिक नीतिका हमला, सब एक साथ झेलना पड़ रहा है। किसानोंकी विपदाका इतिहास […]

सम्पादकीय

ब्रह्मज्ञानका महत्व

बाबा हरदेव दुनियामें जितने भी नाम हैं, वह सभी नाम किन्हीं चीजोंके हैं। केवल नामोंका जिक्र करनेसे हमारा काम नहीं चलता। यदि नामोंका जिक्र करनेसे काम चलता होता तो फिर कौन झोंपड़ीमें रहेगा। एक गरीब भी एक महलका जिक्र करता रहे, एक संगमरमरके मकानका जिक्र करता रहे तो क्या उसको वही सुख साधन प्राप्त हो […]

वाराणसी

समाजके शिल्पी थे शिक्षाविद् महामना

महामना के जन्मदिन पर वक्ताओं के विचार भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय के व्यक्तित्व में न केवल शिक्षाविद और एक सफल राजनेता के गुण विद्यमान थे, अपितु वे एक बड़े ही कुशल समाज के शिल्पी भी थे,जिनके व्यक्तित्व,कर्तृत्व और गुणों का महत्व और मूल्य जितना पहले था, उससे ज्यादा वर्तमान समय में है। […]