राष्ट्रीय

जमातियोंने २३ प्रदेशोंमें फैलाया संक्रमण

नयी दिल्ली(एजेंसी)। देश में कोरोना संकट को हवा देने में तबलीगी जमात की भूमिका की चर्चा होते ही एक वर्ग आग बबूला हो उठता है और इसे हिंदू-मुस्लिम के बीच खाई बढ़ाने की रणनीति करार दे देता है। पहलवान बबिका फोगाट ने जब तबलीगी जमात की लापरवाही पर चिंता व्यक्त की तो उन्हें धमकियां मिलने लगीं। हद तो यह हो गई कि सामाजिक कार्यकर्ता अरुंधति राय ने जर्मन न्यूज नेटवर्क डॉचे वेले  से बातचीत में यहां तक कह दिया कि भारत सरकार कोरोना संकट की आड़ में मुस्लिमों के नरसंहार की रणनीति पर काम कर रही है। तो सवाल उठता है कि क्या सच में तबलीगी जमात के मामले को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है? इसका जवाब आज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी महत्वपूर्ण आंकड़ों से पाया जा सकता है। कोरोना पर डेली प्रेस ब्रीफिंग के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अगरवाल ने बताया कि तबलीगी जमात  से संबंधित मरीज देश के 23 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि देश में करीब 30त्न कोरोना मरीज सिर्फ तबलीगी जमात से संबंधित हैं। यही नहीं, कोविड-19 मरीजों की संख्या के लिहाज से टॉप 10 राज्यों में पांच राज्य ऐसे हैं जहां जमाती मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा है। अगरवाल ने बताया, 14,378 पॉजिटिव केस में 4,291 केस यानी करीब 29.8 फीसदी निजामुद्दीन मरकज से संबंधित पाए गए हैं। इससे 23 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मरकज से संबंधित मरीज मिले। खासकर, तमिलनाडु, दिल्ली, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश में मरकज के मरीज ज्यादा पाए गए हैं और ये राज्य कोविड-19 मरीजों की तुलना में टॉप 10 राज्यों में शुमार हो गए। अब कुछ आंकड़े ऐसे हैं जो किसी को भी हैरानी में डाल सकते हैं। अगरवाल ने कहा कि कुछ राज्यों में अकेले तबलिगी जमात से संबंधित मरीज 91त्न तक पाए गए हैं।  उन्होंने कहा, असम में से 35 में से 32 केस यानी 91 फीसदी, अंडमान में से 12 में से 10 यानी 81 फीसदी केस जमात से हैं। वहीं टॉप 10 राज्यों में शुमार उपर्युक्त पांच राज्यों में की बात की जाए तो तमिलनाडु में 84 फीसदी, दिल्ली में 63 फीसदी, तेलंगाना में 79 फीसदी, यूपी में 59 फीसदी और आंध्र प्रदेश में 61 फीसदी केस जमात से संबंधित हैं। एक और महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि अरुणाचल प्रदेश ऐसा राज्य बन गया है जिसका नाम एक जमाती की वजह से ही कोरोना प्रभावित राज्य में शामिल हो गया है। अगरवाल ने कहा, अरुणाचल में जो एक मामला सामने आया, वह तबलीगी जमात से संबंधित है।