Post Views: 22 डा. जीतेन्द्र कुमार डेहरिया आज हम कोरोनाके उस दौरसे गुजर रहे हैं, जहां अर्थव्यवस्थाका हर क्षेत्र गम्भीर रूपसे प्रभावित हुआ है। जिसका सम्पूर्ण मानव जीवनपर कई रूपोंमें गम्भीर असर पड़ा है और विशेष रूपसे आम आदमीपर जिसे हम न आंकड़ोंमें और न शब्दोंमें व्यक्त कर सकते हैं। आज जीवनकी सभी आशाएं और […]
Post Views: 30 दोटूक यह कि संविधान एक रास्ता है और नागरिकोंके अधिकार इसी मार्गसे गुजरते हैं और इसीमें एक है वाक् एवं अभिव्यक्तिका अधिकार जिसका उल्लेख भारतीय संविधानके अनुच्छेद १९(१)(क) के अन्तर्गत देखा जा सकता है। प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदीने भी जून २०१४ में कहा था कि यदि हम बोलने और अभिव्यक्तिकी स्वतंत्रताकी गारंटी […]
Post Views: 26 हृदयनारायण दीक्षित भारतमें सृष्टिके सभी अवयवोंपर समग्र विचारकी परम्परा है। यहां जनके साथ लोकका भी विचार चलता है। भारतीय जनतंत्र लोकसे रस लेता है। लोकको सींचता है, स्वयं भी रससिक्त है। लोक प्रीतिकर है। भारतीय चिन्तनकी मूल भूमि लोकतंत्र है। अनेक विचार हैं। आठ प्रतिष्ठित दर्शन है। विचार भिन्नता है। सब मिलकर […]