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ध्यानके नजरियेसे
Posted on Author ARUN MALVIYA
Post Views: 1,209 ओशो हजारों सालोंसे जैन शाकाहारी रहे हैं। उनके सभी २४ गुरु योद्धा जातिसे आते हैं और वह सब मांसाहारी थे। उन लोगोंका क्या हुआ। ध्यानने उनके पूरे नजरियेको बदल दिया। न केवल उनके हाथोंसे तलवार छूट गयी, बल्कि उनका योद्धावाला उग्र स्वभाव भी गायब हो गया। ध्यानने उन्हें अस्तित्वसे प्रेम करना सिखाया। […]
बच्चोंमें संक्रमण
Posted on Author ARUN MALVIYA
Post Views: 862 देशमें कोरोना संक्रमणके नये मामलोंमें निरन्तर गिरावटका क्रम बना हुआ है लेकिन अबतक इस महामारीसे मरनेवालोंका कुल आंकड़ा तीन लाखसे ऊपर होना अवश्य चिन्ताजनक है। मृत्युके मामलेमें भारत अमेरिका और ब्राजीलके बाद तीसरा देश बन गया है। अमेरिकामें छह लाख चार हजार ८२ लोगोंकी और ब्राजीलमें चार लाख ४९ हजार १८५ लोगोंकी […]
छोटे उद्योगोंको प्रोत्साहनकी जरूरत
Posted on Author ARUN MALVIYA
Post Views: 802 डा. भरत झुनझुनवाला वैश्विक सलाहकारी कम्पनी मैकेंजीने अक्तूबर २०२० के एक अध्ययनमें कहा था कि यूरोपके छोटे उद्योगोंका स्वयंका अनुमान है कि आधे आनेवाले १२ माहमें बंद हो जायेंगे। भारतकी परिस्थिति ज्यादा दुष्कर है क्योंकि हमारे छोटे उद्योगोंने लाकडाउनके साथ नोटबंदी और जीएसटीकी मार भी खायी है। ई-कॉमर्स और बड़ी कम्पनियोंने छोटे […]



