पटना

बिहारशरीफ: पर्व-त्योहारों को लेकर बाजारों में बढ़ी चहल-पहल


  • चैती छठ पूजा, नवरात्र, रामनवमी के साथ हीं शुरू हो चुका है रमजान का महीना
  • रामनवमी को लेकर मंदिर, तुलसी चौरा का चल रहा है रंगरोगन और महावीरी ध्वजा से पट चुका है बाजार
  • कोविड को लेकर कई वर्षों से बंद रहा है इन पूजा का आयोजन यही वजह है कि इस बार लोगों में उत्साह अधिक  

बिहारशरीफ। अप्रैल माह का पहला पखवारा पर्व-त्योहारों से भरा पड़ा हैं महीने की शुरुआत ही पर्व त्योहारों को लेकर हुआ है। पर्व त्योहार को लेकर जहां बाजारों में रौनक बढ़ी हुई है, चहलकदमी है। वहीं प्रशासन के लिए शांति एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में पर्व त्योहार संपन्न कराना किसी चुनौती से कम नहीं है।

महीने के दूसरी तारीख को ही चैत्र प्रतिपदा के साथ हिंदू नव वर्ष का शुभारंभ हो गया। इस अवसर पर प्रभात फेरियां आदि मनायी गयी। चांद दिखा इसके साथ ही इस्लाम मानने वाले लोगों के लिए 03 अप्रैल से रमजान शुरू हो गया और मस्जिदों में तरावी पढ़ने के लिए लोग जुटने लगे। रविवार को लोगों ने पहला रोजा रखा।

आगामी 05 अप्रैल से लोक आस्था का महापर्व चैती छठ शुरू हो रहा है। 05 अप्रैल को नहाय-खाय के साथ इस त्योहार का आगाज होगा। 06 अप्रैल को छठव्रती उपवास रखकर शाम में खरना करेंगे। 07 अप्रैल को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जायेगा और 08 अप्रैल को उदयगामी सूर्य के अर्घ्य के साथ चारदिवसीय अनुष्ठान का समापन होगा। छठ पर्व को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ी हुई है। चूल्हे, बरतन एवं छठ पर्व से संबंधित निर्माण सामग्रियों की बिक्री जोरों पर है। बाजार में भीड़-भाड़ की स्थिति है।

इन सब के अलावे बासंती नवरात्र जिसे चैती नवरात्र के नाम से भी जाना जाता है शुरू हो चुका है। भक्तजनों द्वारा 02 अप्रैल को देवी मंदिरों एवं घरों में कलश स्थापन कर शक्ति की अधिष्ठात्री देवी दुर्गा का नौदिवसीय अनुष्ठान बासंती नवरात्र की पूजा विधि विधान से शुरू हो गया है। इसके साथ हीं सुबह और शाम का माहौल भक्तिमय हो चला है। देवी मंत्र के साथ हीं मंदिरों में दुर्गा सप्तशती की पाठ सुनाई पड़ने लगी है। बिहारशरीफ शहर सहित जिले के कई स्थानों पर चैती दुर्गा पूजा की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। कोविड को लेकर पिछले कई वर्षों से चैती दुर्गा पूजा का आयोजन नहीं हो पा रहा था, लेकिन इस बार भराव पर, मणिराम अखाड़ा, मोरा तालाब, सोहसराय आदि स्थानों पर प्रतिमा निर्माण एवं पूजा की तैयारी जोर-शोर से चल रही है।

इसी बीच मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का जन्मोत्सव श्री रामनवमी भी मनना है, जिसके लिए तुलसी चौरा से लेकर महावीर मंदिरों तथा अन्य मंदिरों में रंगरोगन एवं साज-सज्जा का काम शुरू हो चुका है। बाजारों में रंग-बिरंगे महावीरी ध्वजा भी सजने लगी है। कुल मिलाकर पर्व त्योहारों को लेकर उत्साह का माहौल है। होली के बाद एक बार फिर बाजार में खरीदारों की भीड़ जमा हुई है। इन पर्व त्योहारों के समाप्त होते-होते रमजान का महीना समाप्त हो जायेगा और अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ईद-उल-फितर का त्योहार मनेगा। रमजान को लेकर फल आदि की बिक्री बढ़ी है। दावते-इफ्तार का आयोजन शुरू हो चुका है।