Post Views: 35 बाबा हरदेव गुरुका ध्यान करके किया हुआ कर्म ही प्रधान हो जाता है। कई बार मनुष्य चालाकी भी कर जाता है। सोच लेता है कि आज भले मेला देखो, वहां हाजिरी तो लग ही जायेगी। यह दिमागकी चालाकी है। दिमाग जो सोचता है, उसमें बनावट होती है। वास्तवमें भक्ति दिमागका विषय नहीं, […]
Post Views: 29 प्रणय कुमार युद्ध किसी समस्याका समाधान नहीं होता। शांति, संवाद, सहयोग, सह-अस्तित्वका कोई विकल्प नहीं। विश्व-मानवताके लिए यह सुखद है कि इसरायल और हमासके बीच युद्ध-विराम हो चुका है। परंतु उल्लेखनीय है कि १९४० के दशकके मध्यमें हंगरी, पोलैंड, जर्मनी, ऑस्ट्रियाके यहूदियोंको किन-किन यातनाओंसे गुजरना पड़ा, १९४८ में स्वतंत्र होनेसे लेकर आजतक […]
Post Views: 27 आर.डी. सत्येन्द्र कुमार रूसी राष्टï्रपति ब्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्टï्रपति जो बाइडेनके बीच हुई तकरार सुर्खियोंमें है। इस तकरारके केन्द्रमें वैसे पूर्व अमेरिकी राष्टï्रपति डोनाल्ड ट्रम्प हैं। इसको राजनीतिक एवं आर्थिक क्षेत्रोंमें वैसे तो कई कारणोंसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है लेकिन सबसे अहम कारण यह है कि यह दो वैश्विक शक्तियोंके […]