पटना

पूर्णिया: अगवा हुए लोजपा नेता की 72 घंटे बाद हत्या


परिजनों ने लगाया आरोप फिरती के दस लाख रुपये लेने के बाद की हत्या

पूर्णिया (सदर)। विगत 29 अप्रैल को अगवा हुए लोजपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष  अनिल उरांव के अपहरण के बाद रविवार की सुबह पुलिस ने कृत्यानंद नगर थाना क्षेत्र के डंबराहा गांव से नेता का शव बरामद किया है। शव मिलने से सनसनी फैल गई। इस आक्रोश में लोगों ने गिरजा चौक आर एन साह  चौक को जाम कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि फिरौती के दस लाख रुपये लेने के बाद उसकी हत्या कर दी।

गौरतलब है कि लोक जनशक्ति पार्टी के नेता अनिल उरांव का 29 अप्रैल को अपहरण कर लिया था। तत्पश्चात उरांव के परिजन ने पुलिस में अपहरणकर्ताओं के खिलाफ शिकायत भी दर्ज की थी। परिजनों ने पुलिस पर इल्जाम लगाते हुए कहा है कि अपहरणकर्ताओं ने 10 लाख रुपये की मांग की थी। फिरौती देने के लिए परिजनों के साथ पुलिस भी गई थी। इसके बावजूद अपहर्ताओं ने पुलिस को चकमा देकर फिरौती वसूलने के बाद हत्या कर दी। लेकिन पुलिस कुछ नहीं कर पाई। बेशक यह पुलिस की बड़ी नाकामी है।  अनिल उड़ाव कटिहार के मनिहारी विधानसभा सीट पर 2015 व 2020 में चुनाव लड़े थे।

परिजनों ने कहा कि फिरौती देने के बाद भी बदमाशों ने हत्या कर दी। आशंका जताई जा रही है कि अपराधियों ने मामले को उलझाने की नीयत से फिरोती की रकम को वसूला। असल मुद्दा जमीन विवाद से जुड़ा होने की भी बात कही जा रही है। शव को देखने से यह भी लग रहा है कि अनिल को गोली मारने से पहले उसकी काफी पिटाई की गई है।

गौरतलब हो कि लोजपा आदिवासी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल उरांव का अपहरण खजांची हाट थाना क्षेत्र से 29 अप्रैल को किया गया था। अनिल उरांव की हत्या से इलाके में रोष है। घटना के विरोध में लोगों ने पूर्णिया की कई सड़कों को जाम कर दिया है। शनिवार को भी आक्रोशित लोगों ने अनिल उरांव की बरामदगी को लेकर सड़क को जाम किया था तब पुलिस के आश्वासन के बाद लोगों ने जाम हटाया था। इधर, शव मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है। लोग हत्यारे की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।