Post Views:
1,302
Related Articles
आर्थिक समस्याको बढ़ाता मुद्रीकरण
Posted on Author ARUN MALVIYA
Post Views: 542 डा. वरिंदर भाटिया भारतीय अर्थव्यवस्थाको मजबूती देनेके लिए सरकारको नोट छापनेके सुझाव दिये जा रहे हैं। भारतमें १९९७ तक आरबीआई सरकारी घाटेकी भरपाई नये करंसी नोट छापकर करता रहा है। हालांकि इस तरहसे सरकारी घाटेकी भरपाई करनेके काफी नुकसान भी होते हैं। इसीलिए १९९४ में तत्कालीन वित्तमंत्री और तत्कालीन आरबीआई गवर्नरने १९९७ […]
प्रसन्नता
Posted on Author ARUN MALVIYA
Post Views: 958 ओशो एक सादगीभरा व्यक्ति जान लेता है कि प्रसन्नता जीवनका स्वभाव है। प्रसन्न रहनेके लिए किन्हीं कारणोंकी जरूरत नहीं होती। बस तुम प्रसन्न रह सकते हो। केवल इसीलिए कि तुम जीवित हो। लेकिन ऐसा संभव होता है केवल एक सहज सादे व्यक्ति के लिए ही। वह आदमी जो चीजें इक_ी करता रहता […]
न्यायके लिए जारी संघर्ष
Posted on Author ARUN MALVIYA
Post Views: 945 कहा जाता है कि देशकी लोकतांत्रिक व्यवस्थामें कानूनका शासन है एवं कानून अपना कार्य स्वयं करता है। परन्तु महिलाओंके प्रति आपराधिक मामलोंमें कानून द्वारा काररवाईकी प्रतीक्षा नहीं की जाती। इसलिए गैरसत्ताधारी राजनीतिक दलोंके नेताओंके लिए कभी-कभी यह घटनाएं आपदामें अवसरके रूपमें विशेष आकर्षणका केन्द्र बन जाती हैं। देखा गया है कि इन […]



