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मोदीकी बंगलादेश यात्राके निहितार्थ
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Post Views: 511 अवधेश कुमार मोदी जब बंगलादेशके सत्खीरा स्थित शताब्दियों पुराने ५१ शक्तिपीठोंमेंसे एक जेशोरेश्वरी काली मंदिरमें पूजा अर्चना कर रहे थे, सोने और चांदीके मुकुट चढ़ा रहे थे और वह लाइव भारतमें दिखा तो फिर विरोधी और विश्लेषक यह टिप्पणी करेंगे ही कि बंगालके हिंदू मतदाताओंको लुभानेके लिए किया जा रहा है। इसी […]
सरकारी मण्डियोंमें किसान
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Post Views: 1,089 डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री सरकारी मंडियोंमें सरकारसे लाइसेंस लेकर कुछ लोगोंने अपनी दुकानें भी खोल रखी हैं। बोलचालकी भाषामें इन दुकानदारोंको आढ़तिया कहा जाता है। किसान वक्त-बेवक्त इन आढ़तियोंसे पैसा उधार भी लेता रहता है। परन्तु आढ़तियोंको अपना पैसा मारे जानेका कोई खतरा नहीं होता क्योंकि उसे पता है कि किसान अपनी […]
नव संवत्सर भारतीय संस्कृतिकी गौरवशाली परम्परा
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Post Views: 1,206 ऋतुपर्ण दवे नववर्षका आरंभ चैत्र मासकी शुक्ल प्रतिपदाको शक्तिकी उपासना, चैत्र नवरात्रिसे होता है। पंचाग रचनाका भी यही दिन माना जाता है। इसी दिन सूर्योदयसे सूर्यास्ततक दिन, महीना और वर्षकी गणना की गयी थी। हिंदू नववर्षकी शुरुआत अंग्रेजीके नये सालकी तरह रातके घनघोर अन्धेरेमें नहीं, बल्कि सूर्यकी पहली किरणके साथ होती है। […]


