Post Views: 10 एक बार फिरसे इस महामारीने भयंकर रूप धारण कर लिया है। कई देशोंकी व्यवस्थाएं बदल गयी हैं। लगभग एक महीनेसे भारतमें भी इस संक्रमणसे भयंकर स्थिति हो गयी है। देशकी कई राज्य सरकारोंने तीव्र गतिसे फैलते संक्रमण तथा मृत्यु दरमें वृद्धि होनेके कारण फिरसे लॉकडाउन, नाइट कर्फ्यू तथा कई प्रकारकी बंदिशें लगानी […]
Post Views: 23 मदन गुप्त पितृ पक्ष अपने पूर्वजोंको याद कर उन्हें नमन करनेका समय होता है। साथ ही यह वर्तमान पीढ़ीको यह संदेश देनेका वक्त होता है कि अपनेसे बड़ोंका सम्मान करें। जहां निधनके बाद भी इतनी श्रद्धासे अपने बड़ोंको याद किया जाता है, वहां बड़ोंके प्रति स्नेहकी सीख होना स्वाभाविक है। यह श्रद्धा […]
Post Views: 23 श्रीराम शर्मा मन किसकी प्रेरणासे दौड़ाया हुआ दौड़ता है। किसके द्वारा प्रथम प्राण-संचार संभव हुआ। किसकी चाही हुई वाणी मुख बोलता है। कौन देवता देखने और सुननेकी व्यवस्था बनाता है। मन अपने आप कहां दौड़ता है। आन्तरिक आकांक्षाएं ही उसे जो दिशा देती हैं, उधर ही वह चलता, दौड़ता और वापस लौट […]