Post Views: 893 डा. जयंतीलाल भंडारी कोरोना महामारीने अकल्पनीय मानवीय और आर्थिक आपदाएं निर्मित की हैं, लेकिन इन आपदाओंके बीच भारतने वैश्विक स्तरपर खाद्य सुरक्षा आवश्यकताओंको पूरा करनेके मद्देनजर कृषि उत्पादोंके निर्यात बढ़ानेका अवसर मु_ियोंमें लिया है। इतना ही नहीं, भारत दुनियामें खाद्य पदार्थोंकी आपूर्ति हेतु एक सुसंगत और विश्वसनीय निर्यातक देशके रूपमें उभरकर सामने […]
Post Views: 682 ऋतुपर्ण दवे प्रकृति और मनुष्यके बीच दूरियां बढ़ती जा रही हैं। नतीजा सामने है, गर्मियोंमें बरसात, बरसातमें गर्मी और ठण्डमें पसीनेके अहसासके बावजूद हमारा नहीं चेतना एक बड़ी लापरवाही, बल्कि आपदाको खुद न्यौता देने जैसा है। सच तो यह है कि प्रकृतिकी अपनी प्राकृतिक वातानुकूलन प्रणाली है जो बुरी तरहसे प्रभावित हो […]
Post Views: 981 भारत-चीन सम्बन्धोंके सन्दर्भमें चीनी विदेशमंत्री वांग यी का ताजा बयान कुछ अलग ही है, जिसमें भारतके प्रति उनके सुर भी बदल गये हैं। इसपर सहज विश्वास करना तो कठिन है लेकिन इसके निहितार्थको भी समझना जरूरी है। भारत और चीनके बीच पूर्वी लद्दाख प्रकरणमें आयी कटुता अभी समाप्त नहीं हुई है। सीमापर […]